अगले चुनाव में ‘राजनीतिक इंजीनियरिंग’ न करे पाकिस्तानी सेना: इमरान खान

लाहौर, पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि सेना इस वर्ष के अंत में होने वाले आम चुनाव में ‘राजनीतिक इंजीनियरिंग’ से दूर रहे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो नकदी संकट से जूझ रहे देश को मौजूदा आर्थिक दलदल से बाहर निकाल सकती है।

कराची में आयोजित पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के महिला सम्मेलन को रविवार को लाहौर के जमां पार्क स्थित अपने आवास से वीडियो लिंक के जरिए संबोधित करते हुए खान ने एक बार फिर पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) कमर जावेद बाजवा पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पद से उन्हें अपदस्थ करने और पाकिस्तान के समक्ष उत्पन्न राजनीतिक एवं आर्थिक संकट के लिए भी वही जिम्मेदार हैं।

खान ने आशंका व्यक्त की कि उनकी पार्टी को कमजोर करने के लिए अगले आम चुनाव में ‘‘राजनीतिक इंजीनियरिंग’’ की जाएगी। उन्होंने कहा कि सेना को ऐसी गलती करने से बचना चाहिए।

उन्होंने दावा किया, “सैन्य प्रतिष्ठान ने अपनी पिछली गलतियों से कुछ भी नहीं सीखा है क्योंकि भविष्य के चुनावों में मेरी पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए राजनीतिक इंजीनियरिंग की जा रही है।”

खान ने आरोप लगाया कि सैन्य प्रतिष्ठान कराची में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के विभिन्न गुटों को एकजुट करने और दक्षिण पंजाब से बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) के नेताओं को पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) में भेजने के प्रयासों में शामिल था, क्योंकि वह उनकी पार्टी की राजनीतिक ताकत से डरता था।

उन्होंने सेना पर पंजाब प्रांत में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) को सत्ता में लाने के प्रयास करने का भी आरोप लगाया।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Associated Press (AP)

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