असम में पहले भारतीय फिर विदेशी घोषित महिला को अदालत के आदेश पर छोड़ा गया

तेजपुर/गुवाहाटी, असम में विदेशी पंचाट द्वारा महज पांच साल के भीतर पहले भारतीय और फिर विदेशी घोषित 55 वर्षीय महिला को गुवाहाटी उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बृहस्पतिवार को तेजपुर केन्द्रीय कारागार से रिहा कर दिया गया।

हसीना भानु ऊर्फ हसना भानु को 2016 में भारतीय घोषित किया गया था और 2021 में दरांग विदेशी पंचाट ने ‘25:3:1971 का विदेशी’ घोषित किया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और वह अक्टूबर 2021 से ही तेजपुर जेल में बंद थीं।

हालांकि, गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में पंचाट के आदेश को पलट दिया। पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘उसके खिलाफ कार्रवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता।’’

विदेशी पंचाट ने अगस्त 2016 में भानु के भारतीय नागरिक होने की पुष्टि की थी। लेकिन असम पुलिस ने जब कहा कि वह एक संदिग्ध बांग्लादेशी है तो उसे विदेशी घोषित कर दिया गया और मामले को वापस पंचाट के पास भेज दिया गया था।

न्यायमूर्ति कोटिश्वर सिंह और न्यायमूर्ति मलासरी नंदी की खंड पीठ ने हालांकि सोमवार को भानु को भारतीय नागरिक करार दिया और उसे जेल से रिहा करने का आदेश दिया।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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