इंडियन स्कीमर 20 साल बाद भागलपुर के विक्रमशिला डॉल्फिन रिजर्व में लौटा : नमामि गंगे

नयी दिल्ली, विलुप्तप्राय नदी-जल पक्षी इंडियन स्कीमर लगभग 20 वर्षों के बाद बिहार के भागलपुर स्थित विक्रमशिला डॉल्फिन रिजर्व में लौट आया है। जल शक्ति मंत्रालय ने इस घटनाक्रम को गंगा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार का प्रमाण बताया है।

इंडियन स्कीमर को लंबे समय से एक संकेतक प्रजाति माना जाता रहा है क्योंकि इसकी निर्भरता साफ मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र और मछली की पर्याप्त उपलब्धता पर है। जल शक्ति मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल नमामि गंगे पर सोमवार को एक पोस्ट में कहा गया कि यह वहीं रहता है जहां पानी साफ हो और मछलियां भरपूर हो।

पोस्ट में कहा गया है ‘‘यह कोई आम पक्षी नहीं है। यह वहीं रहता है जहां पानी साफ हो बहाव सही हो और मछलियां भरपूर हो। जहां नदी बीमार है यह वहां नहीं ठहरता।’’ इस पक्षी के महत्व को रेखांकित करते हुए पोस्ट में कहा गया ‘‘बीस साल। दो दशक। एक पूरी पीढ़ी।’’ इसमें कहा गया है ‘‘जैव विविधता वापस आ रही है। नदी का पारिस्थितिकी तंत्र फिर से संतुलन की ओर है।’’ पोस्ट में कहा गया है कि विक्रमशिला डॉल्फिन रिजर्व में स्कीमर का लौटना सिर्फ एक संकेत नहीं एक प्रमाण है कि पानी की गुणवत्ता सुधर रही है।

इसमें कहा गया है ‘‘गंगा सिर्फ एक नदी का नाम नहीं है। यह डॉल्फिन मछली पक्षी और नदी किनारे बसे करोड़ों लोगों का साझा घर है। जब नदी ठीक होती है तो जीवन अपने आप लौट आता है। यह तो बस शुरुआत है।’’ भागलपुर स्थित इस रिजर्व को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है। इसमें गंगा नदी की डॉल्फिन पाई जाती है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: