इंतजार का कोई मलाल नहीं : अभिनय की राह में तीन साल की देरी पर बोलीं शनाया कपूर

मुंबई, नवोदित अभिनेत्री शनाया कपूर अपनी पहली फिल्म “आंखों की गुस्ताखियां” से अभिनय की दुनिया में कदम रखने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। यह मौका तीन साल की देरी से आया है लेकिन उन्हें इस इंतजार का कोई मलाल नहीं है।

अभिनेता संजय कपूर और महीप कपूर की बेटी शनाया पहले निर्माता करण जौहर की फिल्म “बेधड़क” से फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली थीं। इस प्रोजेक्ट की घोषणा मार्च 2022 में की गई थी लेकिन बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। वह अब अपने अभिनय करियर की शुरुआत “आंखों की गुस्ताखियां” से कर रही हैं जो एक संगीतमय रोमांटिक फिल्म है जिसमें वह विक्रांत मैसी के साथ नजर आएंगी।

शनाया ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये एक साक्षात्कार में कहा “यह एक सपने जैसा एहसास है और जब आप खुद को यूट्यूब पर देखते हैं तो यह अभिभूत कर देने वाला होता है। मैं खुद को देख रही हूं और अपने संगीत वीडियो डाल रही हूं और मैं लगातार देख रही हूं कि यह कैसा दिख रहा है दर्शक क्या कह रहे हैं और यह एक अभिभूत कर देने वाला एहसास है।”

उन्होंने कहा “सब कुछ एक साथ हो गया है और मैं इस यात्रा से खुश हूं। अगर इसमें समय लगा है अगर इसमें उतार-चढ़ाव आए हैं… मुझे लगता है कि यह सब इसलिये हुआ ताकि मैं आज यहां पहुंच सकूं।”शनाया (25) जानती हैं कि फिल्म कलाकार की संतान होने के कारण उनपर अतिरिक्त दबाव और निगरानी रहेगी और उन्होंने कहा कि वह हर चीज को सहजता से लेती हैं।

उन्होंने कहा “मैं पूरी तरह से जानती थी कि मैं क्या कर रही हूं और पेशे के तौर पर क्या करना चुन रही हूं। इसमें पूर्वाग्रह होते हैं आलोचना होती है दबाव की भावना होती है लेकिन मैं इसे सकारात्मक रूप से लेती हूं।”

नवोदित अभिनेत्री ने कहा “मैं इसे फीडबैक के रूप में देखती हूं। जब बात मेरे कपड़े पहनने के तरीके या दिखने के तरीके या मेरे शरीर की बनावट की आती है तो कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें आप अलग रख सकते हैं ये ऐसी चीजें हैं जिन्हें मैं फिल्टर (अनदेखा) कर सकती हूं।”वह फिल्म में अपने अभिनय के प्रति दर्शकों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही हैं।

उन्होंने कहा “मुझे लगता है कि यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं जानूं कि दर्शक क्या कह रहे हैं उनकी राय क्या है और वे मेरे बारे में मेरे काम के बारे में—जो थोड़ा-बहुत मैंने अब तक किया है जैसे कि विज्ञापन—उस पर क्या सोचते हैं। मैं लोगों के विचार जानना चाहती हूं ताकि उन पर काम कर सकूं। मैं आलोचना को बेहद सकारात्मक रूप में लेती हूं।”

संतोष सिंह द्वारा निर्देशित और मानसी बागला और निरंजन अयंगर द्वारा लिखित इस फिल्म में शनाया ने सबा नामक एक दृष्टिबाधित लड़की की भूमिका निभाई है।“आंखों की गुस्ताखियां” 11 जुलाई को रिलीज होगी और शनाया ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे वह परीक्षा के परिणामों की प्रतीक्षा कर रही हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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