टीटीजेड औद्योगिक पाबंदियों में संशोधन संबंधी केंद्र और उप्र की अर्जियों पर सुनवाई अगले हफ्ते

नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने ‘ताज ट्रेपेजियम जोन’ (टीटीजेड) में औद्योगिकी गतिविधि के विनियमन से संबंधित उसके निर्देशों में संशोधन का अनुरोध करते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकारों द्वारा दायर की गयी अर्जियों पर अगले हफ्ते सुनवाई करने पर सहमति व्यक्ति की। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की खंडपीठ के सामने यह मामला उठाया।

            सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने खंडपीठ से कहा कि शीर्ष अदालत के 2024 के निर्देशों में संशोधन के अनुरोध संबंधी उसका आवेदन कुछ समय से लंबित है। शीर्ष अदालत ने अक्टूबर  2024 में इस क्षेत्र में नये उद्योग लगाने तथा वर्तमान उद्योगों के विस्तार पर पाबंदी लगा दी थी।

             राज्य सरकार ने कहा कि उसने ‘ताज ट्रेपेज़ियम जोन’ में औद्योगिक गतिविधियों से संबंधित एक व्यापक दृष्टिपत्र तैयार किया है । उसने खंडपीठ से अनुरोध किया कि वह सभी लंबित आवेदनों और संबंधित रिपोर्टों पर एक साथ विचार करे।

             केंद्र की ओर से पेश  शीर्ष विधि अधिकारी ने कहा  ‘‘उत्तर प्रदेश सरकार की एक गंभीर चिंता है। हमने आदेश में कुछ बदलाव के लिए एक अर्ज़ी दायर की है। उद्योगों से संबंधित एक दृष्टिपत्र है। उन सभी को एक साथ सूचीबद्ध किया जा सकता है।’’

             प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें हाल में एक अन्य मामले में बताया गया कि टीटीजेड से संबंधित मौजूदा निर्देशों के कारण ‘हरित श्रेणी’ के उद्योगों को भी संचालन में कठिनाइयां हो रही हैं।

             इस मुद्दे के व्यापक निहितार्थों को देखते हुए  पीठ ने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के आवेदनों के साथ-साथ केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) की रिपोर्टों की समग्र रूप से जांच आवश्यक है। पीठ ने संबंधित मामलों को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की और कहा कि टीटीजेड में औद्योगिक गतिविधियों से संबंधित सभी लंबित मुद्दों पर एक साथ विचार किया जाएगा।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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