इंदौर (मध्यप्रदेश), यूरेशियन समूह (ईएजी) की 41वीं पूर्ण बैठक की गतिविधियां सोमवार से यहां शुरू हो गईं और नौ देशों के इस संगठन के पांच दिवसीय जमावड़े के दौरान साइबर अपराधों धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण की बढ़ती चुनौतियों से निपटने का खाका तय किया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बैठक में भारत की नुमाइंदगी कर रहे वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अतिरिक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने संवाददाताओं को बताया ‘‘बैठक के पहले सत्र के दौरान ईएजी समूह के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की उच्चतम रेटिंग मिलने के लिए भारत की तारीफ और समर्थन किया। उन्होंने भारत को बधाई देते हुए देश की सराहना की।’’ अग्रवाल ने बताया कि एफएटीएफ ने धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण सहित अवैध वित्त से निपटने के उपायों को लागू करने के भारत के प्रयासों के आकलन के बाद देश को ‘नियमित फॉलो-अप’ की श्रेणी में रखा है जो इस स्वतंत्र अंतर-सरकारी निकाय की दी जाने वाली उच्चतम रेटिंग है। उन्होंने बताया ‘‘बैठक के पहले सत्र में एफएटीएफ द्वारा भारत के इस आकलन की चर्चा हुई क्योंकि ईएजी द्वारा इस आकलन को अपनाया जाना है।’’ अग्रवाल ने बताया कि बैठक के आगामी सत्रों में धनशोधन धन के अवैध लेन-देन आतंकवाद के वित्तपोषण और साइबर अपराधों के अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मसलों और इनके समाधान के उपायों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि बैठक के एक सत्र में वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रतिनिधियों द्वारा इस विषय पर भी चर्चा की जाएगी कि नये वित्तीय उत्पादों के कारण कौन-से अपराधों को अंजाम दिया जा सकता है इन अपराधों को रोकने के लिए किस तरह के कानूनी प्रावधान किए जाने चाहिए और खुफिया तंत्र को किस तरह नये सिरे से तैयार करते हुए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को कैसे प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। अग्रवाल ने बताया कि तीन दिन तक इन मुद्दों पर चर्चा के आधार पर बैठक के पूर्ण सत्र के दौरान ईएजी समूह के सदस्य देशों द्वारा संकल्प पत्र को अपनाया जाएगा। ईएजी समूह की बैठक के स्वागत सत्र में इंदौर के स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। उन्होंने भारत के सबसे स्वच्छ शहर में इस बैठक के आयोजन के लिए समूह के प्रति आभार जताया। इन प्रतिनिधियों में इंदौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी मध्यप्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और जिलाधिकारी आशीष सिंह शामिल थे। लोकसभा सांसद लालवानी ने स्वागत सत्र के दौरान कहा कि साइबर अपराधों धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर तालमेल की जरूरत है और इसके लिए संयुक्त जांच दल भी गठित होना चाहिए। ईएजी समूह में बेलारूस चीन कजाकिस्तान किर्गिस्तान भारत रूस ताजिकिस्तान तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। इंदौर में इस समूह की 29 नवंबर तक होने वाली इस बैठक में 200 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common