नयी दिल्ली, अभिनेत्री से नेता बनीं कंगना रनौत की फिल्म निर्माण कंपनी ‘मणिकर्णिका फिल्म्स’ ने स्पष्ट किया कि उनकी फिल्म ‘इमरजेंसी’ वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखिका कूमी कपूर की किताब ‘द इमरजेंसी: ए पर्सनल हिस्ट्री’ से केवल प्रेरित है उस पर पूरी तरह आधारित नहीं है।
कपूर द्वारा इस साल अप्रैल में दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किए जाने के बाद यह बयान आया है। उनका आरोप है कि फिल्म निर्माण के लिए किताब के बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े समझौते का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है। कपूर की यह किताब वर्ष 2015 में ‘पेंगुइन’ द्वारा प्रकाशित की गई थी।
उन्होंने फिल्म निर्माताओं पर आरोप लगाया है कि फिल्म में ‘‘कई तथ्यात्मक गलतियां हैं और ऐतिहासिक घटनाओं को भ्रामक तरीके से दिखाया गया है।’’ मणिकर्णिका फिल्म्स के निदेशक अक्षत रनौत ने इस मामले पर एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर सफाई दी।
नोटिस में कहा गया है ‘‘हम ‘मणिकर्णिका फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड’ स्पष्ट करते हैं कि फिल्म ‘इमरजेंसी’ के श्रेय में गलती से यह उल्लेख किया गया था कि यह फिल्म कूमी कपूर की पुस्तक ‘द इमरजेंसी’ पर आधारित है। हम यह स्पष्ट करते हैं कि फिल्म ‘इमरजेंसी’ केवल उपरोक्त पुस्तक से प्रेरित है और किसी भी रूप में उस पर आधारित नहीं है।”
इस साल जनवरी में रिलीज हुई ‘इमरजेंसी’ में रनौत ने दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभाया था। उन्होंने न केवल फिल्म में अभिनय किया बल्कि निर्देशन और निर्माण भी किया। मार्च से यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर भी उपलब्ध है। इस मंच पर शुरुआत में ही में दिए गए अस्वीकरण (डिस्क्लेमर) में लिखा था कि यह फिल्म कूमी कपूर की ‘द इमरजेंसी’ और जयहंत वसंत शिंदे की ‘प्रियदर्शिनी’ से प्रेरित है।
हालांकि अंत में दिए गए डिस्क्लेमर के सुर में हुए बदलाव में कहा गया कि यह फिल्म कपूर की किताब ‘द इमरजेंसी’ और शिंदे की ‘प्रियदर्शिनी’ पर आधारित है जिसे कपूर ने समझौते की शर्तों के बिल्कुल विपरीत बताया है। कंगना के भाई अक्षत रनौत का स्पष्टीकरण मर्णिकर्णिका फिल्म्स कपूर एवं नेटफिलक्स के बीच हुए समझौते के तहत आया है। यह समझौता दिल्ली उच्च न्यायालय के सुझाव पर किया गया।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common