उच्चतम न्यायालय के निर्देश का पालन कर एक दिसंबर से पहले आत्मसमर्पण करूंगा : अनंत सिंह

पटना, बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह ने शुक्रवार को कहा कि वह दुलारचंद यादव हत्याकांड में आत्मसमर्पण करने के उच्चतम न्यायालय के निर्देश का पालन करेंगे।

उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार पर उन्हें इस मामले में फंसाने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को दुलारचंद यादव हत्याकांड के सिलसिले में अनंत सिंह को एक दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।

सिंह को पिछले साल अक्टूबर में हत्या के इस मामले में साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, पटना उच्च न्यायालय ने इस साल मार्च में उन्हें जमानत दे दी थी। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने सिंह की जमानत रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।

अनंत सिंह ने कहा, “मैं उच्चतम न्यायालय के निर्देश का पालन करूंगा और एक दिसंबर से पहले आत्मसमर्पण कर दूंगा। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उम्मीद है कि आगे की सुनवाई के बाद मुझे दोबारा जमानत मिल जाएगी।”

सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें इस मामले में सबसे पहले नीरज कुमार ने ही साजिश के तहत फंसाया था।

हालांकि, नीरज कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस याचिका को दायर करने से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने कहा, “मुझे न्यायिक फैसले की भी ठीक से जानकारी नहीं है। मैंने न तो आदेश देखा है और न ही मैं इस मामले में याचिकाकर्ता हूं। इसके बावजूद किसी तरह मेरा नाम इसमें घसीटा जा रहा है।”

इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने अनंत सिंह के आत्मसमर्पण संबंधी अदालत के निर्देश को सिंह के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में अलग-थलग पड़ने से जोड़ने की कोशिश की।

सिंह, राजग के घटक दल जदयू के सदस्य होने के बावजूद हाल ही में संपन्न बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार कर रहे थे। जदयू ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों कारण उन्हें और उनकी पत्नी को निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर नियमों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग भी की।

तेजस्वी यादव ने कहा, “न्यायपालिका अपना काम कर रही है। अनंत सिंह खुद आरोप लगाते रहे हैं कि उन्हें फंसाया जा रहा है। जब उन्होंने हमारी पार्टी छोड़कर राजग का दामन थामा था, तब सरकार उन्हें अच्छी लगने लगी थी। अब इस मामले में क्या है, यह वही बता सकते हैं।”

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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