उत्तराखंड: ‘मेट्रोपोल होटल’ परिसर को पार्किंग के लिए आवंटित किये जाने से लोगों, पर्यटकों को राहत

नैनीताल, उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित शत्रु संपत्ति ‘मेट्रोपोल होटल’ परिसर को अस्थायी रूप से पार्किंग के लिए आवंटित किए जाने से वाहनों को खड़ा करने और यातायात की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों व पर्यटकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘मेट्रोपोल होटल’ परिसर के खुले स्थान को अस्थायी तौर पर अग्रिम आदेशों तक पार्किंग हेतु उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया है।

            केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी सूचना धामी को पत्र लिखकर दी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होटल परिसर के खुले स्थान में 700 से अधिक वाहनों को खड़ा करने की क्षमता है  जिससे नैनीताल शहर में पार्किंग की समस्या से काफी राहत मिलेगी और खासतौर से भारी भीड़ के समय में यातायात प्रबंधन में बहुत मदद मिलेगी।

            ‘मेट्रोपोल होटल’ के परिसर को पिछले कुछ वर्ष से पार्किंग के तौर पर ही उपयोग किया जा रहा है लेकिन अब औपचारिक रूप से मंजूरी मिलने के बाद पूरे स्थान का उपयोग वाहनों के लिए हो सकेगा।

            ‘हाईकोट रोड’ पर मल्लीताल में करीब दस एकड़ क्षेत्रफल में फैला ‘मेट्रोपोल होटल’ शत्रु संपत्ति घोषित होने के बाद जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है।  सरकारी अनुमान के मुताबिक  होटल की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है। नैनीताल के पुराने होटलों में शुमार ‘मेट्रोपोल होटल’  जमीन को लेकर जारी विवाद के कारण पिछले काफी समय से खाली पड़ा हुआ है। मूल रूप से होटल के मालिक महमूदाबाद के महाराजा थे  जिनके पाकिस्तान जाने के बाद 1965 में इसे शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था।

            जब यह होटल काफी चर्चित था  तो कई मशहूर अभिनेता और राजनेता यहां ठहरते थे। इस होटल में ठहरने वाले कुछ प्रसिद्ध नामों में मोहम्मद अली जिन्ना का नाम भी शुमार है  जो अपने विवाह के बाद इसी होटल में ठहरे थे।

            वर्ष 2019 में जिला प्रशासन को ‘मेट्रोपोल होटल’ को पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल की सैद्वांतिक स्वीकृति मिली थी। यह मंजूरी मार्च 2021 तक वैध रही लेकिन अब भी इसका उपयोग पार्किंग के लिए किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने पूर्व में इस संपत्ति पर एक बहुमंजिला पार्किंग के साथ ही एक हैलीपेड विकसित करने की योजना बनायी थी और इस योजना को केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।

            नैनीताल में होटल एवं रेस्तरां संघ के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट के अनुसार  ‘मेट्रोपोल होटल’ परिसर में पार्किंग सुविधा का निर्माण होने से स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी लाभ होगा। नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने पूर्व में कहा था कि ‘मेट्रोपोल होटल’ शत्रु संपत्ति से अतिक्रमण को हटाया जाना पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा था कि शत्रु संपत्ति के संरक्षक कार्यालय द्वारा इस संपत्ति को सौंपे जाने के बाद इसका उपयोग जनहित कार्यों के लिए किया जाएगा और बहुमंजिला पार्किंग विकसित करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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