एनआईटी की प्रोफेसर की ओर से गोडसे का महिमामंडन ‘कृतघ्नता’ : केरल की मंत्री आर बिंदू

कोझिकोड, केरल की उच्च शिक्षा मंत्री आर. बिंदू ने गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का कथित महिमामंडन करने के लिए रविवार को यहां के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी)-कालीकट की एक महिला प्रोफेसर की आलोचना की। उन्होंने प्रोफेसर द्वारा फेसबुक पर की गई हालिया टिप्पणी को ‘कृतघ्नता’ और राष्ट्रपिता का ‘अपमान’ करार दिया।

प्रोफेसर ए. शाइजा ने फेसबुक पर कथित तौर पर ‘‘भारत को बचाने’’ के लिए नाथूराम गोडसे पर ‘‘गर्व व्यक्त’’ किया था। इस मामले में केरल पुलिस ने शनिवार को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।  इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बिंदू ने कहा कि किसी अन्य देश ने भारत की तरह अपने ‘राष्ट्रपिता’ की क्रूर हत्या नहीं देखी। उन्होंने कहा, ‘‘यह (गांधीजी की हत्या) घटना वास्तव में भारत के दिल पर एक जख्म था। उस घटना का महिमा मंडन करने से बड़ी कोई कृतघ्नता नहीं हो सकती।’’

बिंदू ने कहा कि शिक्षक, छात्रों के बीच ऐतिहासिक चेतना पैदा करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि प्रोफेसर शाइजा की टिप्पणी राष्ट्रपिता का अपमान है।

कोझिकोड एनआईटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की वरिष्ठ संकाय सदस्य शाइजा ने 30 जनवरी को फेसबुक पर एक टिप्पणी पोस्ट की थी जिसमें कथित तौर पर कहा गया था, ‘‘भारत को बचाने के लिए गोडसे पर गर्व है’’।महिला प्रोफेसर ने वकील कृष्णा राज की एक पोस्ट पर टिप्पणी की थी, जिन्होंने गोडसे की तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा था कि हिंदू महासभा के कार्यकर्ता नाथूराम विनायक गोडसे भारत में कई लोगों के नायक हैं। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) सहित विभिन्न छात्र संगठनों ने शहर के कई थानों में प्रोफेसर ए. शाइजा के खिलाफ कई शिकायतें दीं, जिसके बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। 

प्रोफेसर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। कुन्नमंगलम और नादाक्कावू उन पुलिस थानों में शामिल हैं जहां पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। 

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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