ओटीटी कलाकारों को अलग-अलग तरह की कहानियां सुनाने का अवसर देता है: सोनाली बेंद्रे

मुंबई, अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने कहा कि ओटीटी मंचों ने कलाकारों के लिए अपने अभिनय के विभिन्न पहलुओं को तलाशने के नए अवसर खोले हैं जो मुख्यधारा के सिनेमा में हमेशा संभव नहीं हो पाता। सोनाली ने प्राइम वीडियो की सीरीज ‘‘राख’’ में एक ऐसी मां की भूमिका निभाई है जो अपने बच्चे को खोने के गम से जूझ रही है।

यह कहानी 1970 के दशक के रंगा-बिल्ला मामले से प्रेरित थी। सोनाली रियलिटी शो ‘‘पति पत्नी और पंगा’’ की मेजबान के रूप में छोटे पर्दे पर वापसी कर रही हैं। यह शो फिलहाल कलर्स टीवी चैनल और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित हो रहा है।

बेंद्रे ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा ‘‘हर चीज का अपना समय होता है। ओटीटी और मल्टीप्लेक्स के आने से अलग-अलग तरह की कहानियां सुनाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। उस समय (1990 के दशक में) मुख्यधारा के सिनेमा में आपको एक खास तरह की फिल्म बनानी पड़ती थी जिसमें कुछ चीजों का होना जरूरी था क्योंकि आपको समाज के हर वर्ग के दर्शकों को ध्यान में रखना होता था। व्यावसायिक मजबूरियां अलग होती हैं।’’

उन्होंने कहा ‘‘मल्टीप्लेक्स के आने के बाद ये मजबूरियां बदल गईं। अब खास दर्शक वर्ग के लिए भी फिल्में बनाई जा सकती हैं और अलग-अलग तरह की कहानियां सुनाई जा सकती हैं। जब विभिन्न तरह की कहानियां सुनाने का मौका मिलता है तो एक कलाकार को भी अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाने का अवसर मिलता है। इसलिए आज हमारे पास यह एक शानदार अवसर है।’’

उन्होंने 2022 में समीक्षकों द्वारा सराही गई सीरीज ‘‘द ब्रोकन न्यूज’’ से ओटीटी पर पदार्पण किया था। इसमें उन्होंने एक मजबूत और सिद्धांतों पर चलने वाली महिला अमीना कुरैशी की भूमिका निभाई थी।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: