नयी दिल्ली, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को लेकर संदेहों को खारिज करने के बाद कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि प्रमुख विपक्षी पार्टी को समझ लेना चाहिए कि ईवीएम को दोष देने से उसे कुछ हासिल नहीं होने वाला है क्योंकि अब तो उसके सहयोगी भी इस बारे में बोल रहे हैं। अब्दुल्ला ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए विशेष साक्षात्कार में कांग्रेस पार्टी की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर तीखी आपत्ति को खारिज किया था और कहा था कि ऐसा नहीं हो सकता कि जब आप चुनाव जीतें तो परिणाम स्वीकार कर लें और जब हार जायें तो ईवीएम पर दोष मढ़ दें। उन्होंने कहा था ‘‘जब इसी ईवीएम के इस्तेमाल से (हुए चुनाव के बाद) संसद में आपके सौ से अधिक सदस्य पहुंच जाते हैं और आप अपनी पार्टी के लिए जीत का जश्न मनाते हैं तो आप कुछ महीने बाद पलटकर यह नहीं कह सकते कि… हमें ये ईवीएम इसलिए पसंद नहीं हैं क्योंकि अब चुनाव के परिणाम उस तरह नहीं आ रहे हैं जैसा हम चाहते हैं।’’अब्दुल्ला की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा ‘‘कांग्रेस को समझना चाहिए कि इंडिया गठबंधन के सदस्य ही अब ऐसा कह रहे हैं… ममता जी शरद पवार जी अखिलेश जी भी यह कह रहे हैं… आप केवल ईवीएम को दोष नहीं दे सकते।’’जोशी ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा ‘‘कांग्रेस को अपनी गलती का एहसास होना चाहिए क्योंकि हम भी एक रचनात्मक विपक्ष चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि विपक्ष कमजोर हो। कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और खुद को सुधारना चाहिए।’’भाजपा के दिनेश शर्मा ने कहा कि अब्दुल्ला ने सच कहा है। उन्होंने कहा ‘‘किसी दिन वह अनुच्छेद 370 पर भी सच बोलेंगे कि किस तरह भाजपा ने इसे समाप्त कर राष्ट्र का हित किया है।’’संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा ‘‘कांग्रेस के सहयोगी भी जानते हैं कि ईवीएम के जरिए चुनाव निष्पक्ष होते हैं। जब वे जीतते हैं तो वे खुश होते हैं और जब वे हारते हैं तो शिकायत करते हैं। उनके नाटक की पोल खुल गयी है।’’जनता दल (यूनाईटेड) के संजय झा ने कहा ‘‘हम बिहार से हैं। हमने देखा है कि किस प्रकार बूथों पर कब्जा कर लिया जाता था और कमजोर वर्गों को मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाती थी। जब ईवीएम आई तो गरीब भी मतदान करने निकले। कांग्रेस के नेता संविधान की प्रति लेकर घूमते हैं लेकिन यह पार्टी सभी संवैधानिक संस्थाओं को ध्वस्त कर रही है।’’समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से ईवीएम के खिलाफ रही है। उन्होंने कहा ‘‘सपा और अखिलेश जी ने कहा है कि हम (उत्तर प्रदेश से) 80 सीटें जीतेंगे और ईवीएम हटाएंगे। सपा हमेशा से ईवीएम के खिलाफ रही है और आगे भी करती रहेगी।’’बाराबंकी से कांग्रेस के लोकसभा सदस्य तनुज पुनिया ने कहा कि पार्टी ने हमेशा कहा है कि वह ईवीएम के खिलाफ है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा ‘‘हमारी राय एक ही है। … यहां तक कि जब हम जीतते हैं तब भी हमेशा कहते हैं कि ईवीएम को खत्म किया जाना चाहिए। हमने उत्तर प्रदेश में अधिक सीटें जीतीं लेकिन फिर भी हमने कहा कि इसे समाप्त किया जाना चाहिए। कई विकसित देशों ने ईवीएम को खारिज कर दिया है क्योंकि छेड़छाड़ की संभावना है।’’कांग्रेस के इमरान मसूद ने कहा ‘‘अगर हम ईवीएम के माध्यम से सत्ता में भी आ गए तो भी हम ईवीएम को हटा देंगे। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common