केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बर्लिन में जर्मन सरकारी अधिकारियों, व्यापार जगत के नेताओं और प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य भारत-जर्मनी आर्थिक सहयोग को मजबूत करना, निवेश को बढ़ावा देना और विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा तथा अन्य क्षेत्रों में अवसरों की तलाश करना था।गोयल ने जर्मनी की संघीय आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री, कैथरीना रीचे से मुलाकात की और भारतीय तथा जर्मन उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। इन चर्चाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, उन्नत विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिज, ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और मजबूत सप्लाई चेन जैसे विषय शामिल थे।उन्होंने भारत के औद्योगिक और डिजिटल क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की।
दोनों मंत्रियों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से दोनों देशों के व्यवसायों को होने वाले संभावित लाभों पर अपने विचार साझा किए।गोयल ने जर्मनी के संघीय चांसलर के आर्थिक और वित्तीय नीति सलाहकार तथा G7 और G20 शेरपा, लेविन होले से भी मुलाकात की। उनकी बातचीत भारत-जर्मनी आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने, और साझा वैश्विक आर्थिक प्राथमिकताओं तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग का विस्तार करने पर केंद्रित रही।कॉर्पोरेट अधिकारियों के साथ अपनी बैठकों के दौरान, गोयल ने स्कोडा ऑटो (Škoda Auto) के प्रबंधन बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष होल्गर पीटर्स से मुलाकात की और भारत में कंपनी के निवेश को तेज करने के अवसरों पर चर्चा की। बातचीत में सस्टेनेबल मोबिलिटी समाधान, एडवांस्ड ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग और निर्यात-उन्मुख विनिर्माण जैसे विषयों को शामिल किया गया, जिसमें भारत के विशाल घरेलू बाजार और औद्योगिक इकोसिस्टम का लाभ उठाने पर जोर दिया गया।एक अन्य बैठक में, गोयल ने बर्टेल्समैन (Bertelsmann) के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य और बर्टेल्समैन इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कार्स्टन कोएसफेल्ड के साथ चर्चा की। यह बातचीत भारतीय स्टार्टअप्स के साथ-साथ मीडिया, शिक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर केंद्रित थी।गोयल ने सीमेंस हेल्थिनियर्स AG (Siemens Healthineers AG) के CEO बर्नड मोंटाग से भी मुलाकात की।
उन्होंने भारत में कंपनी की उपस्थिति को मजबूत करने और चिकित्सा प्रौद्योगिकी तथा किफायती स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने भारत के तेजी से बढ़ते स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र और बुनियादी ढांचे से पैदा होने वाले अवसरों पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से चिकित्सा प्रौद्योगिकी नवाचार, डिजिटलीकरण और AI-आधारित स्वास्थ्य सेवा समाधानों के संदर्भ में।फार्मास्युटिकल क्षेत्र में, गोयल ने बायर (Bayer) के फार्मास्यूटिकल्स डिवीजन के अध्यक्ष स्टीफन ओलरिच से मुलाकात की और भारत में कंपनी की विस्तार योजनाओं पर चर्चा की। बैठक में अधिक निवेश, नवाचार और सहयोग के माध्यम से भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के साथ बायर के जुड़ाव को मजबूत करने के अवसरों पर विचार किया गया।गोयल ने फ्रेसेनियस ग्रुप (Fresenius Group) के CEO माइकल सेन के साथ भी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की। चर्चा में भारत में किफायती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा समाधानों की बढ़ती मांग, देश की विनिर्माण क्षमताओं और कुशल कार्यबल जैसे विषयों को शामिल किया गया। उन्होंने इस बात पर भी चर्चा की कि कैसे कंपनी भारत की उत्पादन क्षमताओं का उपयोग करके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरतों को पूरा कर सकती है।
एक अलग बैठक में, गोयल ने भारत में कंपनी के बढ़ते विनिर्माण कार्यों (मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस) पर चर्चा करने के लिए ‘नॉफ ग्रुप’ (Knauf Group) के ग्लोबल जनरल पार्टनर, मुरात अकयिल्दिज़ से मुलाकात की। इस चर्चा में टिकाऊ निर्माण सामग्री और बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।गोयल ने कैथरीना रीचे के साथ मिलकर ‘जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस’ (DGAP) के ‘इंडिया सेंटर’ के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में बोलते हुए, उन्होंने भारत-जर्मनी की बढ़ती साझेदारी और दोनों अर्थव्यवस्थाओं की एक-दूसरे की पूरक ताकतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आर्थिक सहयोग को और गति दे सकता है।
साथ ही, उन्होंने मजबूत वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (ग्लोबल वैल्यू चेन) के निर्माण के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने दोनों देशों के व्यवसायों और निवेशकों को और अधिक सहयोग के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।मंत्री ने ESMT बर्लिन द्वारा आयोजित और ‘बर्लिन ग्लोबल डायलॉग’ के संस्थापक व अध्यक्ष प्रोफेसर लार्स हेंड्रिक रोलर द्वारा संचालित ‘बिजनेस लीडर्स राउंडटेबल’ में हिस्सा लिया। CEO और व्यापार जगत के नेताओं के साथ बातचीत के दौरान, गोयल ने भारत की आर्थिक वृद्धि, लगातार किए जा रहे सुधारों और जर्मन कंपनियों के लिए भारत में निवेश करने, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) करने और नवाचार (इनोवेशन) लाने के अवसरों पर प्रकाश डाला।’बर्लिन ग्लोबल डायलॉग’ में ‘न्यू एरा, न्यू अलायंसेज: द थर्ड पाथ?’ (नया युग, नए गठबंधन: तीसरा रास्ता?) विषय पर आयोजित एक पैनल चर्चा को संबोधित करते हुए, गोयल ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों में भरोसे के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि वैश्विक साझेदारियों को लेकर भारत का दृष्टिकोण आपसी लाभ और एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं पर आधारित है। उन्होंने विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत द्वारा हाल ही में किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और नए व्यापार समझौतों के लिए चल रही बातचीत का भी जिक्र किया, साथ ही देश के कुशल कार्यबल और आर्थिक पैमाने (इकोनॉमिक स्केल) को रेखांकित किया।गोयल ने जर्मनी में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत की और जिस देश में वे रहते और काम करते हैं, वहां उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने भारत-जर्मनी साझेदारी को मजबूत करने में उनकी भूमिका पर जोर दिया और उन्हें भारत की विकास यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।https://x.com/PiyushGoyal/status/2113230777668481497/photo/1