केंद्र के बकाया राशि रोकने के बावजूद विकास पथ से कभी विचलित नहीं हुए : ममता

कोलकाता,  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि केंद्र द्वारा ग्रामीण प्रगति से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं में राज्य की बकाया राशि रोके रखने के बावजूद राज्य कभी अपने विकास पथ से विचलित नहीं हुआ।

             उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के 14 साल के शासन के दौरान राज्य में दो करोड़ से अधिक नौकरियां सृजित हुईं तथा भविष्य में एक करोड़ अतिरिक्त नौकरियां पैदा होंगी।

             वर्ष 2011 से सत्ता में कायम अपनी सरकार के प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल  केंद्र द्वारा धन रोके जाने से पहले  मनरेगा  ग्रामीण आवास  ग्रामीण सड़क निर्माण में लगातार चार बार देश में शीर्ष पर रहा। उन्होंने कहा   इसके बावजूद  हमने अपने संसाधनों का इस्तेमाल करके उन परियोजनाओं को जारी रखने के लिए अपनी योजनाएं शुरू कीं। अब  चुनाव का समय नजदीक आ गया है  केंद्र हमारा बकाया कब चुकाएगा 

             राज्य में 2026 में चुनाव होने हैं। बिहार में नवनिर्वाचित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा   बिहार में  उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के बीच 10 000 रुपये बांटे और चुनाव खत्म होने के बाद बुलडोजर चला दिए। हमारे राज्य में महिलाओं को लक्ष्मी भंडार योजना के तहत भी मदद दी जा रही है।

             मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 2.2 करोड़ से अधिक महिलाएं वर्तमान में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना से सहायता प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना ‘खाद्य साथी’ पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं  जिसके अंतर्गत नौ करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात करोड़ लोगों के लिए ‘दुआरे राशन’ (सब्सिडी वाले अनाज की घर तक आपूर्ति) पर 1 717 करोड़ रुपये खर्च किए।

             बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 14 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बजटीय आवंटन छह गुना बढ़ाया है।

             बनर्जी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल अब शेष भारत के लिए विभिन्न क्षेत्रों में  विशेष रूप से ग्रामीण विकास और एमएसएमई (सूक्ष्म  लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र में एक आदर्श है। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों के पसंदीदा गंतव्य स्थल के रूप में राज्य वर्तमान में देश में दूसरे स्थान पर है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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