केंद्र सरकार जहाजों, बंदरगाहों की सुरक्षा के लिए बंदरगाह सुरक्षा ब्यूरो स्थापित करेगी

नयी दिल्ली,  केंद्र सरकार बंदरगाहों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने लिए एक वैधानिक निकाय के तौर पर ‘बंदरगाह सुरक्षा ब्यूरो’ का गठन करेगी। यह निकाय बंदरगाहों और जहाजों से जुड़ी सुरक्षा संबंधी सूचनाओं का समय पर विश्लेषण  संग्रहण और आपसी आदान-प्रदान सुनिश्चित करेगा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

             अधिकारियों ने कहा कि ब्यूरो साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करेगा।

             एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बंदरगाहों और जहाजों की सुरक्षा के लिए एक समर्पित निकाय के गठन के संबंध में बैठक बुलाई  जिसमें बंदरगाह  नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू भी उपस्थित हुए।

            शाह ने देश में एक मजबूत बंदरगाह सुरक्षा ढांचे की आवश्यकता पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि सुरक्षा उपायों को क्रमबद्ध और जोखिम-आधारित तरीके से लागू किया जाए।

             बयान में कहा गया कि बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि समुद्री सुरक्षा ढांचे से प्राप्त अनुभवों को विमानन सुरक्षा क्षेत्र में भी लागू किया जाएगा।      

            बयान के अनुसार  नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) की तर्ज पर बनाए जाने वाले बंदरगाह सुरक्षा ब्यूरो (बीओपीएस) का एक महानिदेशक होगा और यह ब्यूरो बंदरगाह  नौवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के तहत कार्य करेगा।  बयान में कहा गया है कि ब्यूरो जहाजों और बंदरगाह सुविधाओं की सुरक्षा से संबंधित नियामक एवं निगरानी कार्यों के लिए जिम्मेदार होगा।

             बयान के अनुसार  ‘‘ब्यूरो का नेतृत्व एक आईपीएस अधिकारी करेगा। एक वर्ष के लिए जहाजरानी (डीजीएस/डीजीएम) के महानिदेशक बीओपीएस के महानिदेशक के रूप में कार्य करेंगे।’’

             बयान में कहा गया है  ‘‘बंदरगाह सुरक्षा ब्यूरो सुरक्षा से संबंधित जानकारी का समय पर विश्लेषण  संग्रहण और आदान-प्रदान सुनिश्चित करेगा। यह साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगा। एक समर्पित विभाग भी होगा जो डिजिटल खतरों से बंदरगाह आईटी अवसंरचना की सुरक्षा करेगा।’’

             बयान में कहा गया है कि सरकार ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को एक मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन (आरएसओ) नियुक्त किया है  जो बंदरगाह सुविधाओं के लिए सुरक्षा आकलन एवं सुरक्षा योजनाओं की तैयारी का जिम्मा संभालेगा।

            केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) निजी सुरक्षा एजेंसियों (पीएसओ) को बंदरगाह सुरक्षा में प्रशिक्षण देगा।

            बयान में कहा गया है कि इन एजेंसियों को प्रमाणित किया जाएगा और यह सुनिश्चित करने के लिए उचित नियामक उपाय लागू किए जाएंगे कि केवल लाइसेंस प्राप्त पीएसए ही इस क्षेत्र में काम करें।”

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: