इडुक्की (केरलम), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता एम. एम. मणि ने आरोप लगाया कि केरलम में बिजली खरीद समझौतों के जरिए कमीशन के लिए जानबूझकर बिजली का ‘कृत्रिम’ संकट पैदा किया जा रहा है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और विद्युत मंत्री सनी जोसेफ में मौजूदा बिजली संकट से निपटने के लिए दूरदर्शिता की कमी है।
पूर्व विद्युत मंत्री मणि ने कहा ‘‘मेरी समझ कहती है कि (बिजली खरीद के लिए) समझौते करने और कमीशन कमाने के लिए यह कृत्रिम संकट पैदा किया जा रहा है। चूंकि सत्ता में कांग्रेस है इसलिए मुझे इस पर पूरा शक है। आखिरकार बिजली खरीद के इन बड़े समझौतों में भारी रकम का लेन-देन होता है।’’
मणि ने कहा कि सामान्य बारिश होने पर जलविद्युत क्षमता का पूरा इस्तेमाल करके केरलम अपनी जरूरत की करीब 40 प्रतिशत बिजली खुद उत्पादित कर सकता है। उन्होंने कहा कि जरूरत की बाकी 60 प्रतिशत बिजली विभिन्न समझौतों के तहत बिजली खरीदकर पूरी करनी होगी। उन्होंने कहा कि विद्युत मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल और एलडीएफ सरकार के दौरान भी इस क्षेत्र का प्रबंधन इसी तरह किया जाता था।
उन्होंने इस दलील को खारिज कर दिया कि ओमन चांडी सरकार के दौरान किए गए दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों को रद्द किया जाना मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार है।उन्होंने सवाल किया ‘‘ओमन चांडी सरकार द्वारा किए गए उन समझौतों को रद्द किए हुए पिनराई विजयन सरकार को 10 साल हो चुके हैं। क्या मैं इस दौरान एक बार भी मंत्री नहीं था क्या तब कोई संकट नहीं था ’’
मणि ने कहा कि बारिश की कमी और जलाशयों में घटते जलस्तर की स्थिति से उचित योजना और दूरदर्शिता के जरिए निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए और लोगों को परेशानी में डाले बिना पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए। वहीं पूर्व मंत्री के. कृष्णनकुट्टी ने शुक्रवार को कहा कि इडुक्की जलविद्युत परियोजना में 2 631 मिलियन यूनिट बिजली पैदा करने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है।
उन्होंने सवाल किया ‘‘2023 में इस समय जलाशयों में इतना पानी था कि उससे 1 632 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की जा सकती थी। तब बिना किसी संकट के स्थिति का प्रबंधन कैसे किया गया था ’’ दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महासचिव एस. सुरेश ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नाकामी के कारण केरलम बिजली संकट से जूझ रहा है और अघोषित बिजली कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
इसके विपरीत राजस्व मंत्री ए. पी. अनिलकुमार ने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार का बचाव करते हुए मौजूदा संकट के लिए पूर्ववर्ती एलडीएफ सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने त्रिशूर में पत्रकारों से कहा कि पूर्ववर्ती सरकार जब सत्ता से गई तो वह दो बड़ी समस्याएं छोड़ गई-पहली वित्तीय संकट और दूसरी बिजली सकंट। उन्होंने कहा कि इन्हें दूर करने में समय लग रहा है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common