तिरुवनंतपुरम, केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कहा कि कैबिनेट ने मौजूदा लोक केरल सभा को भंग करने का फैसला किया है क्योंकि इसके पिछले तीन सम्मेलनों में लिए गए निर्णयों में से किसी को भी लागू नहीं किया गया है और इसके संचालन के तरीके को लेकर भारी खर्च और फिजूलखर्ची के भी आरोप लगे हैं।
सतीशन ने अपनी अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लोक केरल सभा (एलकेएस) के स्थान पर एक नयी और अधिक प्रभावी प्रणाली शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा प्रवासियों के लिए एक मंच होगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक वैकल्पिक तंत्र होगा। उन्होंने कहा कि एलकेएस के पहले सम्मेलन में लिए गए फैसले दूसरे सम्मेलन के होने तक लागू नहीं किए गए थे।
सतीशन ने कहा बाद में इसके दूसरे और तीसरे सम्मेलनों में लिए गए फैसले भी लागू नहीं किए गए और विपक्ष में रहते हुए हमने एलकेएस कार्यक्रमों के आयोजन में भारी खर्च और फिजूलखर्ची का भी आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि प्रवासियों के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान करने के अलावा उनके द्वारा भेजी जाने वाली राशि को राज्य के लिए एक निवेश अर्थव्यवस्था में बदलने की एक बड़ी योजना भी होगी।
सतीशन ने कहा इसके लिए उद्योग गृह स्वास्थ्य और जल संसाधन मंत्रियों की एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया गया है जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि यूडीएफ सरकार ने ‘लोक केरल सभा’ को उस स्वरूप में जारी नहीं रखने के अपने राजनीतिक फैसले में कोई बदलाव नहीं किया है जिस रूप में पिछली एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में इसका आयोजन किया गया था।
उन्होंने कहा था कि पिछली एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में जिस तरह ‘लोक केरल सभा’ का आयोजन किया गया था राज्य सरकार उसी तरह इसके संचालन पर विचार नहीं कर रही है। ‘लोक केरल सभा’ दुनिया भर में रह रहे केरलवासियों को उनके गृह राज्य से सांस्कृतिक सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक रूप से जोड़ने के लिए केरल सरकार द्वारा बनाया गया एक मंच है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common