नयी दिल्ली, सार्स सीओवी 2 वायरस के प्रसार की तीव्रता और उसके नए प्रकारों का पता लगाने के लिए शीघ्र ही पर्यावरण निगरानी की शुरुआत की जाएगी और सीवेज से नमूने एकत्र किए जाएंगे।
आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यह प्रक्रिया ‘इंडियन सार्ससीओवी2 कंसोर्टियम ऑफ जीनोमिक्स’ (आईएनएसए सीओजी) की जिनोमिकी निगरानी गतिविधि के तहत की जाएगी और इसमें संस्थाओं तथा प्रयोगशालाओं की एक श्रृंखला भाग लेगी।
आईएनएसए सीओजी, 28 प्रयोगशालाओं का एक समूह है जो देश में कोरोना वायरस के प्रकारों का अध्ययन और निगरानी कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पर्यावरण निगरानी में वर्तमान जिनोमिकी निगरानी शामिल है जो देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों में की जा रही है।
क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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