सागर द्वीप (प.बंगाल), पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र से गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मंगलवार को मांग की और कहा कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कई पत्र लिखे हैं, लेकिन उनमें से किसी का भी जवाब नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि गंगासागर मेला उतना ही महत्वपूर्ण है जितना इलाहाबाद कुंभ मेला लेकिन इसे अभी तक राष्ट्रीय दर्जा नहीं मिला है।
बनर्जी ने यहां कपिल मुनि आश्रम में पूजा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर कुंभ मेला देश में नंबर एक मेला है, तो गंगासागर मेला नंबर दो होना चाहिए। मेरा मानना है कि यह एक अनूठा मेला है क्योंकि यहां तक पहुंचने के लिए आपको मुरीगंगा नदी पार करनी पड़ती है।’’
गंगासागर में स्थित कपिल मुनि आश्रम भगवान विष्णु को समर्पित एक मंदिर है।
बनर्जी ने गंगासागर मेले को हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहारों में से एक के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के विपरीत केंद्र से इसके लिए कोई सहायता नहीं मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार कुंभ मेले के लिए पूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करती है लेकिन गंगासागर मेले को एक पैसा भी नहीं देती है। हर साल कम से कम 20 लाख तीर्थयात्री गंगासागर मेले में आते हैं।’’
उन्होंने मेले में आने वालों से मास्क पहनने और कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा।
क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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