गेल ने कर्नाटक में एक गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए समझौता किया

नयी दिल्ली, सार्वजनिक क्षेत्र की गैस उपयोगिता कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड ने कर्नाटक सरकार के साथ राज्य में एक गीगावाट तक की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना की संभावना तलाशने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

कंपनी ने एक बयान में कहा “एमओयू के तहत कर्नाटक सरकार गेल को राज्य सरकार की मौजूदा नीतियों/नियमों और विनियमों के अनुसार राज्य के संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति/पंजीकरण/अनुमोदन/ मंजूरी/प्रोत्साहन आदि प्राप्त करने में सुविधा प्रदान करेगी। गेल का इरादा पांच साल के भीतर एक गीगावाट तक की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने का है।”

हालांकि गेल ने परियोजना के वित्तीय विवरण का खुलासा नहीं किया। कंपनी 2035 तक अपने परिचालन के लिए शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य बना रही है और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं उस लक्ष्य को प्राप्त करने की योजना का हिस्सा हैं। समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर नौ मई 2025 को बेंगलुरु में कर्नाटक के बड़े और मध्यम उद्योग और बुनियादी ढांचा विकास मंत्री एमबी पाटिल और कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज की उपस्थिति में राज्य के वाणिज्य और उद्योग विभाग के प्रधान सचिव एस सेल्वाकुमार और गेल के कार्यकारी निदेशक (एसडी और नवीकरणीय) परिवेश चुघ ने किए।

इस मौके पर पाटिल ने कहा “हम कर्नाटक में गेल की रणनीतिक रुचि का स्वागत करते हैं। यह समझौता ज्ञापन औद्योगिक वृद्धि को बढ़ावा देते हुए स्वच्छ ऊर्जा निवेश को सुविधाजनक बनाने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

”क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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