गुवाहाटी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान संबंधों पर विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट को आगे की विस्तृत जांच के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
शर्मा ने कहा कि इससे पहले सांसद द्वारा हाल ही में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में किए गए खुलासों को शामिल करने के लिए रिपोर्ट में संशोधन किया जाएगा जिसमें रावलपिंडी जिले की उनकी यात्रा भी शामिल है। इसके बाद ही रिपोर्ट को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
शर्मा ने इस बात पर बल दिया कि कांग्रेस सांसद का पड़ोसी देश से कथित संबंध चुनावी मुद्दा नहीं है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी विधानसभा चुनाव जीतने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष यह सुनिश्चित करना है कि पाकिस्तान असम में प्रवेश न करे।’’
शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा ‘‘ विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में गोगोई द्वारा संवाददाता सम्मेलन में दिए गए बयानों को शामिल करने के लिए संशोधन किया जाएगा। गोगोई ने दो नयी जानकारियां प्रकट कीं – एक तो यह कि उनकी पत्नी सीधे पाकिस्तान से वेतन लेती थीं और दूसरी यह कि उन्होंने रावलपिंडी जिले का दौरा किया था जहां पाकिस्तान सेना का मुख्यालय है लेकिन वीजा में इसका उल्लेख नहीं किया था। ’’
उन्होंने कहा ‘‘इन सभी जानकारियों को एसआईटी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा तथा कल या परसों दिल्ली भेज दिया जाएगा।’’ राज्य सरकार ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में कथित हस्तक्षेप की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। अली तौकीर शेख के बारे में दावा किया जाता है कि उनकी गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न से निकटता थी।
असम के मंत्रिमंडल ने मामले और एसआईटी रिपोर्ट को आगे की विस्तृत जांच के लिए गृह मंत्रालय को भेजने का फैसला किया है। गोगोई ने खुद और पत्नी पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
जब उनसे पूछा गया कि केंद्र इस मामले को कैसे आगे बढ़ाएगा तो शर्मा ने कहा कि जब पाकिस्तान शामिल हो तो कोई भी मामले को यूं ही नहीं छोड़ेगा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोलने से अधिक काम करने में विश्वास रखते हैं ।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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