भाजपा पार्षद रितु तावडे मुंबई की महापौर चुनी गईं, शिवसेना के संजय घाडी उपमहापौर बने

मुंबई,  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पार्षद रितु तावडे बुधवार को मुंबई की महापौर चुनी गईं  जबकि शिवसेना के संजय घाडी उप महापौर बने। दोनों को इन पदों के लिए निर्विरोध चुना गया। तावडे के महापौर बनने के साथ ही भाजपा ने 44 वर्षों के बाद देश के सबसे अमीर नगर निकाय में महापौर के पद पर कब्जा जमा लिया। वह मुंबई में भाजपा की दूसरी महापौर हैं। मुंबई में पहली बार भाजपा का महापौर 1982-83 में बना था  जब प्रभाकर पाई इस पद पर थे। बुधवार को तावडे के चुने जाने से मुंबई की राजनीति में ठाकरे परिवार का दबदबा समाप्त हो गया।

                बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) की विशेष आम सभा में तावडे और घाडी दोनों निर्विरोध निर्वाचित हुए। शिवसेना (उबाठा) और अन्य विपक्षी दलों ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था।

                बीएमसी मुख्यालय में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद  सत्ताधारी और विपक्षी दलों के पार्षदों की नारेबाजी के बीच तावडे ने मुंबई की 78वीं महापौर के रूप में कार्यभार संभाला। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस  उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे  विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और भाजपा व शिवसेना के अन्य नेता समारोह में उपस्थित थे। उन्होंने नव निर्वाचित महापौर और उपमहापौर को बधाई दी।नगर निकाय के लिए 15 जनवरी को हुए चुनाव में तावडे वार्ड 132  जबकि घाडी वार्ड-पांच से निर्वाचित हुए थे।निर्वाचित सदन के अभाव में  बीएमसी आयुक्त भूषण गगराणी मार्च 2022 से नगर निकाय के कामकाजों की देखरेख कर रहे थे।

                इससे पहले  गगराणी ने राज्य द्वारा नियुक्त पीठासीन अधिकारी के रूप में बीएमसी के कमिटी हॉल में चुनाव प्रक्रिया का संचालन किया।प्रक्रिया शुरू होने से पहले  भाजपा और शिवसेना के पार्षदों ने हुतात्मा चौक पर पुष्पांजलि अर्पित की और फिर बीएमसी मुख्यालय के लिए रवाना हुए।पिछले महीने बीएमसी के 227 वार्ड के लिए हुए चुनाव में भाजपा 89 वार्ड में जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी  जबकि शिवसेना ने 29 वार्ड में जीत हासिल की।

                 सत्तारूढ़ गठबंधन के पार्षदों की संख्या 118 है जो बहुमत के आंकड़े 114 से अधिक है और महापौर का पद हासिल करने के लिए गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल था।

                शिवसेना (उबाठा) ने 65 सीट जीतीं  जबकि उसकी सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने क्रमशः छह और एक सीट जीती।

                कभी कांग्रेस में रहीं तावडे 2012 में भाजपा में शामिल हो गई थीं और उसी वर्ष घाटकोपर क्षेत्र से पार्षद के रूप में निर्वाचित हुईं। वह बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रहीं।अपने पिछले कार्यकाल के दौरान वह दुकानों में ‘मैनिक्विन’ (पुतले) के ‘आपत्तिजनक’ कपड़ों का मुद्दा उठाने के कारण सुर्खियों में रही। 2017 के निकाय चुनावों में तावडे घाटकोपर पूर्व से शिवसेना उम्मीदवार से हार गई थीं।भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने पार्टी की महिला शाखा में महत्वपूर्ण पद संभाले।

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