वियना/मास्को, यूक्रेन में चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को डाटा देना बंद कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था ने यह जानकारी दी।
संस्था ने उत्तरी यूक्रेन में परमाणु स्थल पर रूसी सैनिकों के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
चेर्नोबिल संयंत्र को पिछले महीने रूसी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया था।
संस्था ने कहा कि यूक्रेन में चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र में स्थापित निगरानी प्रणालियों के साथ आईएईए का संपर्क टूट गया है।
चेर्नोबिल संयंत्र वर्तमान में चालू नहीं है। आईएईए ने यूक्रेन के परमाणु नियामक से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि इस संयंत्र में निष्क्रिय रिएक्टरों के साथ-साथ रेडियोधर्मी अपशिष्ट केन्द्र भी हैं।
वियना स्थित एजेंसी ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘‘आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने ‘‘संकेत दिया कि चेर्नोबिल एनपीपी में स्थापित सुरक्षा उपायों की निगरानी प्रणाली से रिमोट डाटा का प्रेषण बंद हो गया है।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘एजेंसी यूक्रेन में अन्य स्थानों पर सुरक्षा उपायों की निगरानी प्रणाली की स्थिति देख रही है और जल्द ही आगे की जानकारी दी जायेगी।’’
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 24 फरवरी को यूक्रेन के खिलाफ एक विशेष सैन्य अभियान के आदेश दिये थे।
आईएईए ने कहा कि कर्मचारी पिछले 13 दिनों से दुनिया की सबसे भीषण परमाणु आपदा की जगह पर प्रभावी ढंग से रह रहे हैं और उनकी भोजन, पानी और दवा तक सीमित मात्रा में पहुंच है, और उनकी स्थिति ‘‘बिगड़’’ रही है।
आईएईए के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने बयान में कहा, ‘‘मैं चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र में कर्मचारियों के सामने आने वाली कठिन और तनावपूर्ण स्थिति और परमाणु सुरक्षा के लिए संभावित खतरों के बारे में बहुत चिंतित हूं।’’
इस बीच, रूस ने बुधवार को कहा कि चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थिति रूसी सैनिकों, यूक्रेनी विशेषज्ञों और नेशनल गार्ड द्वारा संयुक्त रूप से नियंत्रित की जाती है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा, ‘‘वर्तमान में, चेर्नोबिल एनपीपी में स्थिति पर नियंत्रण रूसी सैनिकों, यूक्रेनी विशेषज्ञों, संयंत्र के कर्मियों और उस देश के नेशनल गार्ड द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।’’
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने उनके हवाले से कहा कि चेर्नोबिल संयंत्र में 20 गुना विकिरण वृद्धि के बारे में यूक्रेन के आरोप सच नहीं हैं।
जखारोवा ने रूस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा, ‘‘इस खतरनाक स्थिति में रूसी सेना की कार्रवाई यूक्रेनी राष्ट्रवादियों से परमाणु उकसावे को रोकने के लिए जरूरी थी, जिनके पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है। वास्तव में, उन्हें ऐसा करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। यही कारण है कि रूसी सैनिक यूक्रेन के परमाणु संयंत्रों को नियंत्रण में ले रहे हैं।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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