नयी दिल्ली, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन की वजह से आम तौर पर खरीदारों की भीड़ से भरी रहने वाली जंतर-मंतर के आस-पास की दुकानों और स्टॉल पर इस सप्ताह सन्नाटा पसरा रहा और पार्किंग स्थल खाली पड़े रहे जिससे कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। व्यापारियों ने माना कि उनकी बिक्री कम हुई है और उन्हें अपनी आजीविका की चिंता सता रही है।
इस विरोध-प्रदर्शन का असर सिर्फ यातायात मार्ग के परिवर्तन और मेट्रो स्टेशन बंद होने तक ही सीमित नहीं रहा जंतर-मंतर क्षेत्र में लगने वाले अस्थायी बाजार और कनॉट प्लेस के व्यापारियों का कहना है कि यह सप्ताह हाल के महीनों में कारोबार के लिहाज से सबसे कमजोर रहा। कई दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने कई दिन अपनी दुकानें बंद रखीं या फिर इक्का-दुक्का ग्राहक ही आए। शनिवार दोपहर को जब बाजार में आम तौर पर भीड़ होती है तब भी बहुत कम स्टॉल खुले थे और अधिकतर दुकानें बंद थीं।
अस्थायी बाजार में कपड़े बेचने वाले रमेश कुमार ने कहा ‘‘इस पूरे हफ्ते हम हर सुबह यह उम्मीद करके दुकान खोलते रहे कि कारोबार बेहतर होगा लेकिन ग्राहक न के बराबर आते हैं। कुछ दिन तो हम बोहनी तक नहीं कर पाए।’’ वर्षों से कपड़ों का स्टॉल चला रहीं शबनम अली ने कहा कि इलाके में इंटरनेट पर लगी पाबंदियों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा ‘‘अधिकतर ग्राहक डिजिटल पेमेंट करना पसंद करते हैं। लेकिन खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी की वजह से लेनदेन फेल होते रहते हैं। कई लोग बस इसलिए चले जाते हैं क्योंकि उनके पास नकद नहीं होता।’’ दुकानदारों ने खरीदारों के न आने की वजह यातायात जाम और सुरक्षा पाबंदियों को भी बताया।
जंतर-मंतर के पास परफ्यूम की दुकान चलाने वाले विजय मेहता ने कहा ‘‘लोग यातायात जाम में फंसना या सड़कें बंद होने पर लंबी दूरी तक पैदल नहीं चलना चाहते। यहां तक कि नियमित ग्राहक भी इस हफ्ते नहीं आ रहे।’’ कई व्यापारियों ने बताया कि सोमवार से बाजार में ज़्यादातर सन्नाटा रहा और आम दिनों के मुकाबले कारोबार में भारी गिरावट आई। ज्वेलरी बेचने वाले सुनील ने कहा ‘‘हम रोजाना की बिक्री के बूते गुजर-बसर करते हैं। पर्यटन के मौसम में पूरा एक सप्ताह बर्बाद होने से हम जैसे छोटे दुकानदारों को सबसे अधिक नुकसान होता है।’’
कनॉट प्लेस के कारोबारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ‘न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन’ (एनडीटीए) ने कहा कि बार-बार लगाई जा रही पाबंदियों और लोगों की आवाजाही में भारी कमी के कारण पिछले एक सप्ताह से व्यापारी अपने सामान्य कारोबार के मुकाबले केवल 25 प्रतिशत ही कारोबार कर पा रहे हैं। एनडीटीए के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने बताया कि जिन पार्किंग क्षेत्र में आम तौर पर लगभग 100 कार खड़ी होती हैं वहां अब केवल 20-25 गाड़ियां ही दिख रही हैं जो इस इलाके में आने वाले लोगों की संख्या में भारी गिरावट को दिखाता है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा हालात को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बाजारों को बंद रखने की सलाह दी थी लेकिन कुछ रेस्तरां और कुछ दुकानें (जिनमें रीगल बिल्डिंग के पास वाली एक दुकान भी शामिल है) खुली रहीं क्योंकि दुकानदार और नुकसान नहीं उठाना चाहते थे। भार्गव ने कहा ‘‘हमारे खर्च कम नहीं हुए हैं। दुकान मालिकों को संपत्ति कर वेतन और कामकाज से जुड़े दूसरे खर्च चुकाने पड़ रहे हैं लेकिन कारोबार में भारी गिरावट आई है।’’ क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common