मुंबई, रणजी ट्रॉफी में एक सत्र में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज और रविंद्र जडेजा के प्रशंसक हर्ष दुबे भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं लेकिन विदर्भ के इस स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर को राष्ट्रीय टीम में शामिल होने की कोई जल्दी नहीं है। दुबे ने पिछले सत्र में भारत की प्रमुख घरेलू प्रतियोगिता में बिहार के आशुतोष अमन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और सत्र में सबसे अधिक 69 विकेट लेकर इतिहास रच दिया था।
दुबे इस साल की शुरुआत में भारत ए के इंग्लैंड दौरे का हिस्सा थे लेकिन उनका कहना है कि हर सत्र में सुधार करना उनके लिए सबसे जरूरी है क्योंकि वह राष्ट्रीय टीम के लिए जडेजा की उपलब्धियों को दोहराना चाहते हैं।
दुबे ने सिएट क्रिकेट रेटिंग अवार्ड्स में मीडिया से कहा ‘‘जब से मैंने क्रिकेट को समझना शुरू किया है तब से मैं रविंद्र जडेजा का अनुसरण कर रहा हूं और जब मैंने क्रिकेट को ठीक से समझना शुरू किया तो उनका प्रदर्शन अपने चरम पर पहुंच गया।’’
उन्होंने कहा ‘‘मैं बचपन से ही उन्हें आदर्श मानता रहा हूं लेकिन उससे पहले मैं युवराज (सिंह) सर और सचिन (तेंदुलकर) सर को अपना आदर्श मानता था।’’दुबे ने कहा ‘‘मेरा ध्यान हमेशा इस बात पर रहता है कि मैं पूरे सत्र में क्या गलतियां कर रहा हूं और फिर मैं उन्हें कैसे सुधार सकता हूं और अगले सत्र में कैसे बेहतर प्रदर्शन कर सकता हूं।’’
पिछले साल इंडियन प्रीमियर लीग में सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेलने वाले 23 वर्षीय दुबे ने कहा कि लाल गेंद का क्रिकेट उनका पसंदीदा प्रारूप है।
उन्होंने कहा ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे लाल गेंद (क्रिकेट) सबसे अधिक पसंद है लेकिन मैं यह नहीं कहूंगा कि मुझे सफेद गेंद (प्रारूप) पसंद नहीं है। मेरे लिए भारत के लिए लाल गेंद से क्रिकेट खेलना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।’’
पिछले रणजी सत्र में पांच अर्धशतक के साथ 476 रन बनाने वाले दुबे ने कहा कि वह ऑफ-सत्र के दौरान एक बल्लेबाज के रूप में बेहतर होने के लिए और अधिक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा ‘‘मैंने क्रिकेट की शुरुआत एक सलामी बल्लेबाज के रूप में की थी इसलिए मैं ऑफ सत्र में अपनी बल्लेबाजी पर कड़ी मेहनत करता हूं।’’ बाएं हाथ के स्पिन-गेंदबाजी ऑलराउंडर होने के नाते दुबे को मानव सुतार जैसे खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा लेकिन वह इसे अधिक तवज्जो नहीं देते।
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