जिन मतदाताओं के नाम SIR के दौरान हटा दिए गए थे, वे फॉर्म 6 के जरिए अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं: ECI ने दिल्ली HC को बताया

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि जिन मतदाताओं के नाम ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटा दिए गए थे, वे ‘निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960’ के तहत फॉर्म 6 जमा करके अपना नाम फिर से जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।यह जानकारी दो मतदाताओं द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान दी गई, जिसमें उन्होंने मतदाता सूची में अपना नाम फिर से शामिल करने की मांग की थी।

याचिकाकर्ताओं ने बताया कि वे अपने पुराने पते से दूसरी जगह चले गए थे और इस कारण वे गणना प्रक्रिया (enumeration process) पूरी नहीं कर पाए, जिसके चलते उनके नाम हटा दिए गए।याचिकाकर्ताओं ने फॉर्म 6 के बजाय फॉर्म 8 के जरिए अपनी मतदाता प्रविष्टियों को बहाल करने या अपडेट करने की अनुमति मांगी। फॉर्म 6 का इस्तेमाल आमतौर पर मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए किया जाता है।

उन्होंने यह चिंता भी जताई कि फॉर्म 6 के तहत मांगी गई घोषणा (declaration) देने पर उन पर गलत जानकारी देने का आरोप लग सकता है।ECI की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ‘फॉर्म 6’ जमा कर सकते हैं और चुनाव पंजीकरण अधिकारी (Electoral Registration Officer) औपचारिकताएं पूरी करने में उनकी मदद करने के लिए तैयार हैं।

न्यायमूर्ति दिनेश मेहता और न्यायमूर्ति अदिति चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि गलत घोषणा (false declaration) को लेकर जताई गई आशंका बेबुनियाद है, खासकर इसलिए क्योंकि यह प्रक्रिया खुद ECI द्वारा ही सुझाई गई थी।इसके बाद उच्च न्यायालय ने कार्यवाही समाप्त कर दी और याचिकाकर्ताओं को छूट दी कि यदि वे चाहें तो ‘फॉर्म 6’ जमा कर सकते हैं। अदालत ने निर्देश दिया कि ऐसी किसी भी अर्जी पर कानून के अनुसार विचार किया जाए।https://en.wikipedia.org/wiki/File:Election_Commission_of_India_Logo.svg

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