रांची, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘नि:शुल्क कफन’ मुहैया कराने संबंधी फैसला लिया गया, जिसपर कटाक्ष करते हुए विपक्षी दल भाजपा ने कहा, ‘हुजूर ने ना दवा और न दुआओं के काबिल समझा, बेचारी जनता को बस कफन के काबिल समझा।’
भाजपा ने इस निर्णय को अपरिपक्वता की पराकाष्ठा बताते हुए इसे ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ का परिणाम बताया।
प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने सोमवार देर शाम बयान जारी कर झारखंड सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘इतिहास में शायद यह पहला मौका होगा जब किसी सरकार की प्राथमिकता जन स्वास्थ्य ना होकर के मृत्यु और कफन तक सीमित रह गई है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कोरोना की दूसरी लहर और संभावित तीसरी लहर को लेकर सरकार के पास कार्ययोजनाओं का अभाव स्पष्ट झलक रहा है, किंतु सरकार के जिम्मेदार मंत्री वर्तमान परिस्थिति को राजनीतिक अखाड़ा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
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