जिनेवा (स्विट्जरलैंड), विश्व स्वास्थ्य संगठन की बृहस्पतिवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस महामारी ने मलेरिया को नियंत्रित करने के प्रयासों को बाधित किया, जिसके परिणामस्वरूप दो वर्षों में मलेरिया से वैश्विक स्तर पर 63,000 अतिरिक्त मौतें और 1.3 करोड़ अधिक लोग संक्रमित हुए।
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने बृहस्पतिवार को कहा कि बीमारी के मामले 2020 में बढ़े और 2021 में धीमी गति से बढ़ते रहे।
पिछले साल दुनिया के 24.7 करोड़ मलेरिया संक्रमणों और 619,000 मौत के मामलों में से लगभग 95 प्रतिशत अफ्रीका से थे।
डब्ल्यूएचओ के मलेरिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी अब्दिसलन नूर ने कहा, ‘‘महामारी से पहले से हम पटरी पर नहीं थे और महामारी ने अब हालात को और बदतर बना दिया है।’’
लिवरपूल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन में जैविक विज्ञान के डीन एलिस्टर क्रेग ने कहा कि मलेरिया से होने वाली मौतों को कम करने में प्रगति कोविड-19 से पहले ही रुक गई थी।
नूर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले साल दुनिया के पहले अधिकृत मलेरिया रोधी टीके के व्यापक टीकाकरण के आरंभ से अगर पर्याप्त संख्या में बच्चों का टीकाकरण किया जाता है तो इससे गंभीर बीमारियों और मौतों की संख्या को कम करने में ‘‘काफी मदद’’ मिलेगी। उन्होंने कहा कि 20 से अधिक देशों ने टीकों के लिए आवेदन किया है।
टीका केवल लगभग 30 प्रतिशत प्रभावी है और इसके लिए चार खुराक की आवश्यकता होती है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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