पाकिस्तान सरकार ने केन्या में हुई पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या की जांच के लिए बनायी नयी टीम

इस्लामाबाद, पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय के आदेश के अगले दिन बृहस्पतिवार को सरकार ने केन्या में हुई पत्रकार अरशद शरीफ की विवादास्पद हत्या की जांच के लिए आईएसआई अधिकारियों को शामिल करते हुए नयी संयुक्त टीम (जेआईटी) गठित की।

सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय में सौंपी गयी एक रिपोर्ट के अनुसार यह टीम गठित की गयी है। उच्चतम न्यायालय ने पत्रकार शरीफ की संदिग्ध हत्या के मामले की आज लगातार तीसरे दिन सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश उमर अता बांदियाल की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने जेआईटी को सुनवाई की अगली तारीख को प्रगति रिपोर्ट सौंपने को कहा।

इस नयी जेआईटी में आम लोग, पुलिस अधिकारी, इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस , सैन्य खुफिया, संघीय जांच एजेंसी, इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारी शामिल हैं। नयी जेआईटी ने दो सदस्यीय जांच दल का स्थान लिया है जिसे सरकार ने तथ्यान्वेषण के लिए प्रारंभ में गठित किया था।

जेआईटी को ‘ईमानदार एवं निष्पक्ष’ जांच करने का आदेश देते हुए प्रधान न्यायाधीश ने उससे कहा कि यदि उसे अपने काम में कोई प्रशासनिक परेशानी होती है वह अदालत को बताए। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई जनवरी के पहले हफ्ते तक के लिए स्थगित कर दी।

पूर्व रिपोर्टर और एआरवाई टीवी के एंकर शरीफ (49) की नैरोबी से करीब घंटे भर के रास्ते पर एक पुलिस चौकी पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। उनकी हत्या के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक तूफान आ गया था।

शीर्ष अदालत ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए विदेश मंत्रालय को अपना जवाब सौंपने का निर्देश दिया था।

शरीफ अपने विरूद्ध कई मामले दर्ज होने के बाद अगस्त में पाकिस्तान से चले गये थे। खबरों के अनुसार वह प्रारंभ में संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे थे और बाद में केन्या चले गये जहां गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गयी।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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