चियायी (ताइवान) ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने अभ्यास देखने के लिए शुक्रवार को एक सैन्य अड्डे का दौरा किया वहीं प्रतिद्वंद्वी चीन ने ताइवान जलडमरूमध्य से एक अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक के गुजरने पर विरोध जताया।
नए साल पर भी दोनों पक्षों के बीच तनाव में कमी आने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
चीन स्व-शासित ताइवान को अपना भू-भाग मान कर उस पर दावा करता है और दुनिया के सबसे व्यस्त जलमार्गों में से एक, ताइवान जलडमरूमध्य के रास्ते अमेरिकी व अन्य देशों के युद्धपोतों के गुजरने का विरोध करता रहा है।
राष्ट्रपति साई की चियायी स्थित सैन्य अड्डे की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब चीन से बढ़ते खतरे को लेकर ताइवान अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है। ताइवान घरेलू स्तर पर पोत निर्माण और हथियार उद्योग का विस्तार कर रहा है वहीं अमेरिका से खरीदे जाने वाले हथियारों में भी वृद्धि हुई है। सभी पुरुषों के लिए राष्ट्रीय सेवा की अवधि चार महीने को 2024 से बढ़ाकर एक साल किया जा रहा है।
राष्ट्रपति ने थलसेना की एक बटालियन के प्रदर्शन को देखने के साथ वायु सेना के चौथे ‘विंग’ का दौरा किया जिस पर चीनी सैन्य विमानों को रोकने की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अधिनायकवाद के विस्तार का सामना कर रहे हैं, हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को सुरक्षित करने के लिए देश की लड़ाकू क्षमताओं को मजबूत कर सकते हैं।” एपी अविनाश माधव माधव 0601 1711 चियायी
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Associated Press (AP)