दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए भारत के चुनाव आयोग को एक औपचारिक पत्र लिखा है। (आप) पर “अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी प्रवासियों को खुला समर्थन” और कथित रूप से अराजकता भड़काने का आरोप लगाया।
अपने पत्र में सिरसा ने आप और उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर नागरिकता अधिकारों की आड़ में अवैध प्रवासियों का समर्थन करके संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमानों के समर्थन में आप नेताओं द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में आयोजित विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए सिरसा ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई भारतीय नागरिकों की “आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात” है। सिरसा ने आगे आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने पहले भी अनधिकृत रहने वालों को झुग्गियां और मौद्रिक सहायता प्रदान करके अवैध बस्तियों की सुविधा प्रदान की थी।
उन्होंने आप नेता गोपाल राय की भी आलोचना की, जिन्होंने सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के आवास पर कब्जा करने की धमकी जैसे भड़काऊ बयान दिए थे। इस तरह की कार्रवाइयों को “संविधान विरोधी” और “विभाजनकारी” बताते हुए सिरसा ने चुनाव आयोग से आप द्वारा बार-बार उल्लंघन का संज्ञान लेने और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले और राष्ट्रीय एकता को खतरा पहुंचाने वाले राजनीतिक दलों पर लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया। सिरसा ने यह कहते हुए निष्कर्ष निकाला कि इस तरह के राजनीतिक आचरण को अनियंत्रित रूप से जारी रखने की अनुमति देना देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाएगा।
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