दिल्ली पुलिस ने उन्हें सोनम वांगचुक से मिलने नहीं दिया : मुख्यमंत्री आतिशी

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें सोनम वांगचुक से मिलने नहीं दिया वांगचुक एक महीने पहले लेह से शुरू हुई ‘दिल्ली चलो पदयात्रा’ का नेतृत्व कर रहे थे। केंद्र शासित प्रदेश के लिए संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपायों सहित अन्य मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे लद्दाख के करीब 170 लोगों को सोमवार रात दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर हिरासत में लिया गया और अलग-अलग पुलिस थानों में ले जाया गया, जहां उन्होंने भूख हड़ताल की। वांगचुक को बवाना थाने में हिरासत में लिया गया। आतिशी ने कहा कि वह सोनम वांगचुक और लद्दाख के अन्य लोगों से मिलने बवाना थाने पहुंची थीं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें उनसे मिलने नहीं दिया। बताया जा रहा है कि एलजी ने फोन करके कहा कि मुझे चुने हुए मुख्यमंत्री से न मिलने दें। यह तानाशाही ठीक नहीं है। सोनम वांगचुक और लद्दाख के लोग भी एलजी शासन के खिलाफ लड़ रहे हैं, लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। दिल्ली के लोग लद्दाख के लोगों के साथ खड़े हैं। लद्दाख में एलजी शासन खत्म होना चाहिए, दिल्ली में भी एलजी शासन खत्म होना चाहिए। लद्दाख और दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। बाद में दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को रिहा कर दिया। रिहाई के बाद वांगचुक और लद्दाख के अन्य कार्यकर्ता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट गए। कार्यकर्ताओं के समूह ने महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर अपना अनशन भी समाप्त किया।https://x.com/AtishiAAP/status/1841338421538672810/photo/1

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