दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार को मॉनसून सत्र के दौरान दिल्ली विधानसभा में एक बिल पेश किया। इसका मकसद राष्ट्रीय राजधानी में बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों (establishments) को चलाने वाले मौजूदा कानून को रद्द करना है।दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट्स (रिपील) बिल, 2026 का मकसद ‘नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ़ दिल्ली (इनक्रेडिबल इंडिया) बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2007’ और इसमें 2010 और 2021 में किए गए संशोधनों को रद्द करना है।यह कदम जून में मालवीय नगर में हुई आग की घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें 11 विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की मौत हो गई थी।
जिस जगह आग लगी थी, वह कथित तौर पर बिना ज़रूरी मंज़ूरी के चल रही थी।मिश्रा ने मालवीय नगर में आग लगने की घटना के बाद मौजूदा बेड एंड ब्रेकफास्ट कानून को वापस लेने का फ़ैसला किया था।अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को विधानसभा से इस बिल के पास होने की उम्मीद है।2023 तक, राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत 432 प्रॉपर्टीज़ (जिनमें 2,200 से ज़्यादा कमरे थे) रजिस्टर की गई थीं।https://x.com/DelhiAssembly/status/2085668262076092653/photo/4