द्रमुक-भाजपा गठबंधन की अटकलें ‘कोरी कल्पना’, भाजपा का साथ मंजूर नहीं : एमएमके प्रमुख जवाहिरुल्ला

तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु), मनिथनेया मक्कल काची (एमएमके) अध्यक्ष एम. एच. जवाहिरुल्ला ने सोमवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच किसी भी राजनीतिक गठबंधन की अटकलों को खारिज करते हुए इसे ‘‘कोरी कल्पना’’ करार दिया।

एमएमके अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे किसी दल के साथ कभी भी गठबंधन नहीं करेगी जो भाजपा के साथ हाथ मिलाएगा। यहां पत्रकारों से बातचीत में जवाहिरुल्ला ने कहा कि द्रमुक और भाजपा की विचारधाराएं बिल्कुल विपरीत हैं। मानिथनेया मक्कल काची (एमएमके) द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है।

द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन के राजनीतिक रुख का उल्लेख करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि स्टालिन नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे और संघीय ढांचे तथा धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों की रक्षा के लिए केंद्र के वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में विधानसभा में प्रस्ताव लाने की अगुवाई की थी।

जवाहिरुल्ला ने द्रविड़ पार्टी और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन को लेकर हाल में सामने आईं राजनीतिक टिप्पणियों को खारिज किया और कहा ‘‘हमारा रुख स्पष्ट है। हम ऐसे विचारों में विश्वास करते हैं जो संविधान और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करते हैं।

भाजपा संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश करती है। हम ऐसे किसी भी दल के साथ कभी गठबंधन नहीं करेंगे जो भाजपा के साथ गठबंधन करता है।’’ केंद्र-राज्य संबंधों पर एमएमके नेता ने केंद्र सरकार से तमिलनाडु की लंबित मांगों पर ध्यान देने और राज्य की जायज वित्तीय बकाया राशि रोके बिना जारी करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और प्रत्यक्ष करों के तहत सबसे अधिक योगदान देने वाले राज्यों में से एक है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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