भारत और रवांडा के बीच दूसरी संयुक्त रक्षा सहयोग समिति (JDCC) की बैठक 06 और 07 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई। दोनों पक्षों ने सैन्य प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास, चिकित्सा सहयोग और रक्षा उद्योगों के क्षेत्र में साझेदारी का विस्तार करने का निर्णय लिया। बैठक से निकले कार्य-बिंदुओं के लिए समय-सीमा के साथ एक कार्यान्वयन योजना पर भी सहमति बनी।
बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद और संयुक्त बल विकास, प्रशिक्षण और सिद्धांत प्रमुख (चीफ J7- RDF HQ) ब्रिगेडियर जनरल लुइस कानोबायियर ने की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा विभाग, रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, विदेश मंत्रालय, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा, मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ और सेनाओं के प्रतिनिधि शामिल थे।
JDCC मीटिंग के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात की। ब्रिगेडियर जनरल ने रक्षा सचिव को द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के नए क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी, जिनका मकसद मौजूदा साझेदारी को और मजबूत करना है।
प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय रक्षा उद्योग के साथ भी बातचीत की और भारत के बढ़ते रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम, स्वदेशी क्षमताओं और तकनीकी प्रगति के बारे में जानकारी ली। दोनों पक्षों ने रक्षा औद्योगिक क्षेत्र में सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान की और दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग को तेज करने का संकल्प लिया।
इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल ने आर्मी हॉस्पिटल (रेफरल एंड रिसर्च) का दौरा किया, जहां उन्हें भारत की सैन्य चिकित्सा क्षमताओं, आधुनिक स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे और रक्षा बलों के लिए स्थापित व्यापक चिकित्सा सहायता प्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।रक्षा सहयोग पर MoU (समझौता ज्ञापन) जुलाई 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रवांडा यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित किया गया था। दूसरी JDCC मीटिंग और उससे जुड़ी गतिविधियों का सफल आयोजन रक्षा साझेदारी को मजबूत करने, संस्थागत सहयोग बढ़ाने और करीबी संबंध विकसित करने के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।https://x.com/RwandaMoD/status/2074590377873461585/photo/2