निरंकुशता पर लोकतंत्र की जीत है किसान नेताओं की रिहाई: एसकेएम

अलीगढ़ (उप्र)  संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने राकेश टिकैत समेत किसान नेताओं की रिहाई को निरंकुशता पर लोकतंत्र की जीत करार दिया है। बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में इस मोर्चा ने कहा कि बुधवार को किसान पंचायत में शामिल होने से टिकैत को रोकने की पुलिस की कार्रवाई  टिकैती के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन था।

                बयान में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार इस किसान आंदोलन की एकजुटता की वजह से टिकैत  रुपेश वर्मा  सुखबीर खलीफा और सुनील फौजी सहित किसान नेताओं को रिहा करने पर मजबूर हुई।

                मोर्चा ने कहा कि आंदोलनकारी किसानों की मांगे माने जाने तक ग्रेटर नोएडा के ‘जीरो प्वाइंट’ पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।  उल्लेखनीय है कि भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत और अन्य नेताओं को बुधवार की सुबह अलीगढ़ के टप्पल थाने में हिरासत में ले लिया गया था और शाम को उन्हें छोड़ दिया गया।

                किसान पूर्व में राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की गई जमीनों के बदले में मुआवजे और अन्य लाभों की मांग करते हुए प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।  उन्होंने सोमवार को दिल्ली चलो मार्च शुरू किया  लेकिन इन्हें पुलिस द्वारा रोक लिया गया जिसके बाद ये दलित प्रेरणा स्थल पर धरने पर बैठ गए। हालांकि  बाद में पुलिस ने कार्रवाई कर उन्हें हटा दिया।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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