केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में आयोजित सरस फूड फेस्टिवल में भाग लिया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री कमलेश पासवान और डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, सचिव शैलेश कुमार, अतिरिक्त सचिव श्री चरणजीत सिंह (डीएवाई-एनआरएलएम), संयुक्त सचिव (ग्रामीण आजीविका) स्मृति शरण और मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
चौहान ने कहा कि सरस मेला बेहद आकर्षक बन गया है, जिसमें महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों द्वारा तैयार पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू दिल्ली के लोगों को अपनी ओर खींच रही है। हमारा देश वास्तव में अद्भुत है, इसकी विविध भाषाएं, पहनावा, परंपराएं और खानपान के बावजूद हम एक हैं। भारत एक जीवंत गुलदस्ते की तरह है, जहां रंग-बिरंगे फूल एक साथ खिलते हैं और वही रंग हमारे विविध व्यंजनों में झलकते हैं।
झारखंड की अपनी यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यहां शब-ए-आजम अंबा है जिसका अर्थ है स्वादिष्ट भोजन। इसे आदिवासी दीदी चलाती हैं जिसमें पारंपरिक भोजन परोसा जाता है उन्होंने बिहार, राजस्थान, पंजाब, केरल, कर्नाटक आदि राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे जीवन मूल्य, हमारा भोजन सब अद्भुत है। इस पारंपरिक भोजन की विशेषता यह है कि यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इस मेले की विशेषता यह है कि यह मेला दीदियों द्वारा संचालित किया जा रहा है।
चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री निवास में दीदी कैफे खोला था। आज भी आजीविका मिशन की दीदियां उन कैफे को चलाती हैं। बहनें जो भी काम करती हैं, उसे गंभीरता से करती हैं। बहनें यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती हैं कि उनका काम दोषरहित हो। उनके बीच एक लखपति दीदी का होना वास्तव में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। आर्थिक सशक्तिकरण का अपना महत्व है, जब व्यक्ति सशक्त होता है, शैक्षणिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक सशक्तिकरण होता है।
उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से सशक्त बहन ने मुझे बताया कि सशक्त होने से घर में उसका सम्मान बढ़ा है। आज 90 लाख स्वयं सहायता समूहों से 10 करोड़ बहनें जुड़ी हैं, जिनमें से 1 करोड़ 15 लाख 254 बहनें लखपति बहनें बन चुकी हैं और बाकी बहनों को भी लखपति बहनें बनाना है। हमें इससे आगे बढ़ना है और भविष्य का संकल्प है कि आजीविका मिशन को धीरे-धीरे उद्योग में बदलना है।
लखपति से शुरू हुआ यह सफर करोड़पति तक पहुंचेगा। चौहान ने शायराना अंदाज में कहा कि वक्त बदलना है, सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं है, मेरी बस यही इच्छा है कि ये हालात बदलें। महिला सशक्तिकरण से भारत सशक्त होगा, समाज मजबूत होगा और देश बदलेगा। आधी आबादी को न्याय मिले यही हमारा संकल्प है। हम पूरी ताकत से उस दिशा में आगे बढ़ेंगे। हम इस दिशा में पूरी ताकत से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने सरस मेले के पीछे पूरी टीम को बधाई दी और दिल्ली की जनता को सरस मेले में आने का हार्दिक निमंत्रण दिया।