नेपाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, पश्चिमी जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा

काठमांडू, नेपाल के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई जिसके बाद अधिकारियों ने पश्चिमी जिलों की नदियों में जलस्तर बढ़ने और अचानक बाढ़ आने की आशंका के मद्देनजर चेतावनी जारी की।जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग की बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार अर्घाखांची जिले के सिमलपानी जल मापन केंद्र पर तीन घंटे में 84.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

विभाग ने क्षेत्र और आसपास की छोटी नदियों में जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दी। विभाग ने बांके और बर्दिया जिलों के कई स्थानों पर भी तीन घंटे में मध्यम से भारी बारिश दर्ज होने की जानकारी दी और छोटी नदियों में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका जताई। जारी की गई एक अन्य चेतावनी के अनुसार दार्चुला बैतड़ी बाजहांग डोटी डडेलधुरा बांके बर्दिया कैलाली और कंचनपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार तक आंधी-तूफान बिजली कड़कने और रुक-रुककर बारिश की संभावना जताई है। शनिवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है। नेपाल पहले की बाढ़ और भूस्खलन के प्रभावों से भी जूझ रहा है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 24 से 27 सितंबर के बीच भारी बारिश से देश में 542 आपदा घटनाएं हुईं जिनमें 304 भूस्खलन 87 बाढ़ और 151 भारी बारिश से संबंधित घटनाएं शामिल थीं।

इन घटनाओं में 27 लोगों की मौत हुई चार लापता हुए और आठ घायल हुए। 1 082 परिवार प्रभावित हुए जबकि 227 मकान पूरी तरह और 142 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। 31 पुलों को भी नुकसान पहुंचा। नौ लाख 80 हजार से अधिक लोगों को बाढ़ की चेतावनी के संदेश भेजे गए और करीब 2 000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

ये घटनाएं करीब एक महीने पहले मध्य और उत्तरी नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हुई हैं जिसमें 1 500 से अधिक लोगों की मौत हुई और करीब 5 000 लोग लापता हुए थे।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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