नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को यूट्यूब चैनल ‘4पीएम’ पर रोक लगाने के आदेश को रद्द करने के अनुरोध वाली वाली याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जतायी और केंद्र तथा अन्य को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा।
यूट्यूब चैनल संचालित करने वाले संजय शर्मा द्वारा दायर याचिका में केंद्र को चैनल को ब्लॉक करने के कारणों और रिकॉर्ड (यदि कोई हो) के साथ ब्लॉक करने से जुड़ा आदेश पेश करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। इसमें केंद्र को कारणों और रिकॉर्ड के साथ (चैनल को) ब्लॉक करने का आदेश पेश किये जाने के लिये कहने के बाद उक्त आदेश को रद्द करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि चैनल को ब्लॉक करने से जुड़ा आदेश पारित करने से पहले याचिकाकर्ता को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। सिब्बल ने कहा “पूरा चैनल बिना किसी कारण के ब्लॉक कर दिया गया है।” उन्होंने कहा “मेरे पास केवल मध्यस्थ से मिली जानकारी है।”
उन्होंने कहा “पहली नजर में यह असंवैधानिक है।” पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि मामले की सुनवाई अगले सप्ताह की जाएगी।
याचिका में सूचना प्रौद्योगिकी (जनता द्वारा सूचना तक पहुंच को अवरुद्ध करने की प्रक्रिया और सुरक्षा उपाय) नियम 2009 के नियम 16 को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। नियम 16 में कहा गया है कि प्राप्त सभी अनुरोधों और शिकायतों तथा उन पर की गई कार्रवाई के संबंध में सख्त गोपनीयता बनाए रखी जाएगी। याचिका में दावा किया गया है कि चैनल को ब्लॉक करने का आदेश मनमाना और असंवैधानिक था।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common