पत्रकार राणा अय्यूब को प्रताड़ित करने संबंधी आरोपों को भारत ने बेबुनियाद करार दिया

नयी दिल्ली, जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के मिशन द्वारा पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ ‘न्यायिक प्रताड़ता’ संबंधी आरोपों पर भारत ने सोमवार को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और आरोपों को ‘बेबुनियाद और अनावश्यक’ करार दिया।

भारत ने कहा कि देश में कानून का राज है और कोई भी इससे ऊपर नहीं है।

जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन ने ट्वीट कर कहा कि ‘भ्रामक सूचनाओं’ को बढ़ावा देने से केवल संरा मिशन की छवि ‘खराब’ होगी।

इसने कहा, ‘ तथाकथित न्यायिक प्रताड़ना संबंधी आरोप बेबुनियाद और अनावश्यक हैं। भारत में कानून का राज है। हालांकि, यह भी पूरी तरह साफ है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। हम सही जानकारी रखने की अपेक्षा रखते हैं। भ्रामक सूचनाओं को बढ़ावा देने से केवल संरा मिशन की छवि खराब होगी।’

इस बीच, नयी दिल्ली में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिनेवा में भारतीय मिशन इस मामले को संरा कार्यालय के समक्ष उठाएगा।

गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने बताया था कि एजेंसी ने पत्रकार राणा अय्यूब द्वारा जनता से प्राप्त दान कोष में कथित गड़बड़ी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में अय्यूब की बैंक में जमा 1.77 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जब्त की गई है। हालांकि, अय्यूब ने आरोपों को खारिज किया था।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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