लस्क एअर बेस (पोलैंड) नाटो प्रमुख ने मंगलवार को कहा कि रूस की धमकियों के बावजूद गठबंधन को अपनी परमाणु अस्त्र चेतावनी के स्तर को बदलने की कोई आवश्यकता नहीं दिखती।
गठबंधन के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेजेज डूडा के साथ यूरोपीय सुरक्षा पर बातचीत के बाद एसोसिएटेड प्रेस से बात की। वे मध्य पोलैंड के लस्क में एक एअर बेस पर मिले जहाँ नाटो के पोलैंड और अमेरिकी लड़ाकू जेट विमान मौजूद हैं।
स्टोल्टेनबर्ग ने कहा, “हम हमेशा वही करेंगे जो हमारे सहयोगियों की रक्षा और बचाव के लिए आवश्यक है, लेकिन हमें नहीं लगता कि नाटो के परमाणु बलों के चेतावनी स्तर को बदलने की कोई आवश्यकता है।”
क्रेमलिन ने परमाणु युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सप्ताहांत के आदेश के बाद उसके भूमि, वायु और समुद्री परमाणु बल हाई अलर्ट पर हैं। नाटो के पास स्वयं कोई परमाणु अस्त्र नहीं है, लेकिन इसके तीन सदस्यों-अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के पास परमाणु अस्त्रों का भंडार है।
स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि रूस ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, यह मानते हुए कि परमाणु युद्ध नहीं जीता जा सकता है और न ही लड़ा जाना चाहिए।
अमेरिका ने हाल में नाटो क्षेत्र के पूर्वी हिस्से में 5,000 अतिरिक्त सैनिकों की कुमुक भेजी है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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