पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए निभानी होगी सामूहिक जिम्मेदारी : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से उत्पन्न वैश्विक संकट से निपटने के लिए जनता से एकजुट होने का आह्वान करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इस चुनौती से पार पाने के लिए सभी को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी।

मुख्यमंत्री ने यहां एक प्रमुख अंग्रेजी दैनिक द्वारा आयोजित ‘9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी’ कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह कोविड-19 महामारी के दौरान देशवासियों ने एकजुट होकर संकट का सामना किया था उसी प्रकार पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच भी राष्ट्रीय भावना और सामूहिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा “यह एक वैश्विक संकट है जिसका असर ईंधन खाद्य और उर्वरक आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह सार्वजनिक परिवहन और अक्षय ऊर्जा जैसे विकल्पों को अपनाकर देश की आत्मनिर्भरता की मुहिम को मजबूत करे।”

आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने संबंधी हालिया अपील का उल्लेख करते हुए ईंधन बचत के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों कार पूलिंग मेट्रो इलेक्ट्रिक वाहनों और शटल बस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय देशहित सर्वोपरि होना चाहिए और हर नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्रहित में अपना योगदान दे।

उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री की अपील को गंभीरता से पढ़ना समझना और उस पर विचार करना चाहिए।

आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य के 7 700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में संरक्षित 15 लाख से अधिक गोवंशीय पशुओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस संयंत्र आधारित सामूहिक रसोई मॉडल विकसित करने की योजना है ताकि रसोई गैस (एलपीजी) पर निर्भरता कम की जा सके।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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