पीएम-सेतु को देशभर में लागू करेगी सरकार

नयी दिल्ली,  सरकार ने 60 000 करोड़ रुपये की उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगार योग्यता परिवर्तन योजना (पीएम-सेतु) योजना को 200 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) समूहों में देशभर में लागू करने को मंजूरी दे दी। साथ ही  1 237.58 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजनाओं को भी मंजूरी दी गई।

             यह निर्णय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता वाली चौथी राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) की बैठक में लिया गया।

             स्वीकृत योजनाओं में ओडिशा में जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड और गुजरात में आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया को प्रमुख उद्योग साझेदार (एंकर इंडस्ट्री पार्टनर) के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा  तेलंगाना में अपोलो मेडस्किल्स तथा दो अन्य स्वीकृत आईटीआई समूह भी इसमें शामिल हैं।

             संबंधित राज्य संचालन समितियों द्वारा अनुशंसित इन रणनीतिक निवेश योजनाओं से देशभर के कई आईटीआई समूहों का उद्योग-आधारित उन्नयन का मार्ग प्रशस्त होगा।

             कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने उद्योग जगत की कंपनियों से आगे आकर देशभर के आईटीआई के कायाकल्प संबंधी सरकार के दृष्टिकोण में योगदान देने का आग्रह किया।

             मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा  ‘‘ मैं उद्योग जगत के लोगों से विश्वस्तरीय संस्थानों में आईटीआई के रूपांतरण के लिए आगे आने का आग्रह करता हूं।’’

             एक महत्वपूर्ण निर्णय में समिति ने पीएम-सेतु को उसके शुरुआती चरण से आगे बढ़ाकर सभी 200 चिन्हित आईटीआई समूहों में देशव्यापी स्तर पर लागू करने को मंजूरी दी। इससे राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को उद्योग की तैयारी और क्रियान्वयन क्षमता के आधार पर इसे लागू करने में मदद मिलेगी।

             समिति ने क्रियान्वयन को सरल बनाने  उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने  सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की अधिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने और पीएम-सेतु के क्रियान्वयन में सहयोग देने वाले संस्थागत तंत्र का विस्तार करने के उपायों को भी मंजूरी दी।

             पीएम-सेतु सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है  जिसका उद्देश्य उद्योगों की साझेदारी  उन्नत बुनियादी ढांचा  भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तथा बेहतर रोजगार क्षमता के माध्यम से भारत के आईटीआई तंत्र का आधुनिकीकरण करना है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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