प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में अपनी द्विपक्षीय वार्ता के बाद चार प्रमुख परिणामों की घोषणा की। इनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक, रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है।दोनों पक्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने पर सहमत हुए।
इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) द्वारा निवेश, उद्यमिता, रोजगार के अवसरों और निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।पोलैंड ‘कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ (CDRI) में भी शामिल हो गया है। यह भारत के नेतृत्व वाली एक अंतरराष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य जलवायु-अनुकूल और टिकाऊ बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इस कदम से आपदा तैयारियों और आपदा-रोधी क्षमता के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।
दोनों देश ‘रक्षा उद्योग संवाद’ (Defence Industry Dialogue) स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। इसका उद्देश्य रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना, रक्षा उपकरणों के संयुक्त विकास और सह-उत्पादन के अवसरों की तलाश करना, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना, तथा औद्योगिक साझेदारी और तकनीकी सहयोग के माध्यम से रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है।
चौथा परिणाम ‘आतंकवाद-रोधी संवाद’ (Dialogue on Counter-Terrorism) है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद-रोधी रणनीतियों को लेकर द्विपक्षीय सहयोग, सूचना साझा करने, क्षमता निर्माण और समन्वय को मजबूत करना है।https://x.com/donaldtusk/status/2113163845921611993/photo/1