प्रबुद्ध सम्मेलन में हुई घटना पर उपमुख्यमंत्री को कार्रवाई करनी चाहिए थी: हर्षवर्धन

प्रयागराज,  प्रयागराज उत्तर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने प्रबुद्ध सम्मेलन में यूजीसी (आरक्षण) का मुद्दा उठाने पर एक कार्यकर्ता से कथित मारपीट के मामले में कहा कि उपमुख्यमंत्री को आरोपी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी।

          बाजपेयी ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा  “यूजीसी पर सवाल पूछने वाला व्यक्ति रोहित तिवारी उर्फ काका गंगापार के कोरांव का हमारा संघर्षशील साथी (भाजपा कार्यकर्ता) है। अल्लापुर के पार्षद एवं उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के करीबी विनय मिश्रा उर्फ शिंटू ने अपना नंबर बढ़ाने के लिए उसके साथ मारपीट की।”

          उन्होंने कहा  “वास्तव में यह ब्राह्मण सम्मेलन था… पता नहीं क्यों इसका नाम प्रबुद्ध सम्मेलन रखा गया। काका ने यूजीसी आरक्षण को लेकर सवाल इसलिए पूछा  क्योंकि यह एक भावनात्मक मुद्दा है और लोगों को लगता है कि इसका असर आने वाली पीढ़ी पर पड़ेगा।”

          विधायक ने कहा  “ऐसी स्थिति में उस लड़के को बेइज्जत किए जाने से ब्राह्मण समाज आहत है…उसने भाजपा को असमंजस में डालने के इरादे से सवाल नहीं पूछा था।”

          इस घटना के संबंध में रोहित तिवारी ने बुधवार को दारागंज थाने में अल्लापुर के पार्षद विनय मिश्रा के खिलाफ गाली-गलौज और मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।

          सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में मंगलवार को परेड मैदान में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन के दौरान श्रोताओं में शामिल रोहित तिवारी उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य से यूजीसी आरक्षण पर कुछ बोलने का आग्रह करते दिखाई दे रहे हैं। इस पर मौर्य ने कहा कि वह जरूर बोलेंगे। हालांकि  इसी बीच विनय मिश्रा ने रोहित तिवारी को पकड़कर धक्का दिया और सम्मेलन से बाहर कर दिया।

 क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: