बीजिंग, चीन ने कहा कि फिलीपीन द्वारा मध्यम दूरी की मिसाइलों को तैनात करने की योजना एक भड़काऊ कदम होगा जो क्षेत्र में तनाव को बढ़ाएगा। फिलीपीन के शीर्ष सैन्य अधिकारी ने सोमवार को मनीला में संवाददाताओं को बताया कि सेना दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ तनाव के बीच देश की रक्षा के लिए मध्यम दूरी की मिसाइलें तैनात करने की योजना बना रही है।
लेफ्टिनेंट जनरल रॉय गैलिडो ने बताया “हां योजनाएं हैं बातचीत जारी है क्योंकि हम इसकी व्यवहार्यता और अनुकूलनशीलता देखते हैं।”
अमेरिका ने अप्रैल में उत्तरी फिलीपीन में अपनी मध्यम दूरी की मिसाइल ‘टाइफून’ तैनात की थी और दोनों देशों के सैनिक भारी हथियारों के संभावित उपयोग के लिए संयुक्त रूप से प्रशिक्षण ले रहे हैं।
चीन फिलीपीन को अमेरिकी सैन्य सहायता दिये जाने का विरोध करता है और ‘टाइफून’ मिसाइल की तैनाती से विशेष रूप से चिंतित है। राष्ट्रपति जो बाइडन के शासनकाल में अमेरिका ने चीन का मुकाबला करने के लिए हिंद-प्रशांत में सैन्य गठबंधनों को मजबूत किया है जिसमें ताइवान विवाद भी शामिल है।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बताया कि फिलीपीन द्वारा हथियार की तैनाती भू-राजनीतिक टकराव और हथियारों की दौड़ को तेज करेगी। उन्होंने संवाददाताओं को बताया “यह उनके और पूरे दक्षिण पूर्व एशिया के इतिहास व लोगों के साथ-साथ क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक अत्यंत गैरजिम्मेदाराना निर्णय है।”
फिलीपीन की रक्षा योजना में उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा शामिल है जो 200 समुद्री मील (370 किमी) तक फैला हुआ है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common