बीमा योजनाओं के लिए दिव्यांगजन के अनुकूल दिशानिर्देश लागू करने की याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय

नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को कल्याणकारी बीमा योजनाओं के लिए दिव्यांगजन के अनुकूल दिशा-निर्देश तैयार करने और उन्हें लागू करने का निर्देश देने संबंधी याचिका पर केंद्र और एलआईसी से जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ इस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई। याचिका में केंद्र को यह सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत निगरानी करने का निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया है कि दिव्यांजन के लिए कल्याणकारी बीमा योजनाएं संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत दी गई गारंटी के अनुरूप लागू हों।

अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता से संबंधित है जबकि अनुच्छेद 21 जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा से जुड़ा है। पीठ ने 13 अप्रैल के अपने आदेश में कहा ‘‘नोटिस जारी किया जाए और इसका जवाब चार सप्ताह के भीतर दिया जाना चाहिए।’’

याचिका में एलआईसी को ‘जीवन आधार’ पॉलिसी सहित कल्याणकारी बीमा योजनाओं के लिए दिव्यांगजन के अनुकूल दिशा-निर्देश तैयार करने और उन्हें लागू करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। एलआईसी की ‘जीवन आधार’ पॉलिसी उस व्यक्ति को दी जा सकती है जिसका कोई दिव्यांग आश्रित हो और जो आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80डीडीए में निर्धारित शर्तों को पूरा करता हो।

यह योजना पॉलिसी खरीदने वाले व्यक्ति को उसके पूरे जीवनकाल के दौरान जीवन बीमा सुरक्षा देती है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: