भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने बेंगलुरु सुरंग सड़क परियोजना को चुनौती देने वाले मामले में पैरवी की

बेंगलुरु, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में बेंगलुरु सुरंग सड़क परियोजना को चुनौती देने वाले एक मामले में पैरवी की। इस मामले की सुनवाई शनिवार को हुई। बेंगलुरु दक्षिण से सांसद और पेशे से वकील सूर्या अभिनेता प्रकाश बेलावाड़ी की ओर से राज्य सरकार द्वारा शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित भूमिगत सड़क नेटवर्क के खिलाफ दायर जनहित याचिका में याचिकार्ता का पक्ष रखा।

सूर्या के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार (बेलावाड़ी द्वारा दायर) याचिका में पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) की गैर मौजूदगी और बेंगलुरु महानगर भूमि परिवहन प्राधिकरण (बीएमएलटीए) के साथ परामर्श की कमी पर चिंता जताई गई है।

याचिका में ऐतिहासिक लालबाग रॉक के नीचे सुरंग के संरेखण को लेकर समेत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) से जुड़े मुद्दों को भी उठाया गया। ‘लालबाग रॉक’ 300 करोड़ वर्ष पुराना एक ऐसा ढांचा है जिसे राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक के रूप में मान्यता प्राप्त है। मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू और न्यायमूर्ति सी. एम. पूनाचा की खंडपीठ के समक्ष पेश हुए सूर्या ने दलील दी कि प्रस्तावित सुरंग संरेखण लालबाग की लगभग 6.5 एकड़ भूमि को प्रभावित कर सकता है।

पीठ ने राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता (एजीए) को परियोजना में पेड़ों की कटाई के बारे में विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और पर्यावरणीय पहलुओं पर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की राय मांगी।

इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित है। सूर्या ने इस परियोजना के प्रभावों और संभावित विकल्पों पर चर्चा करने के लिए उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से मिलने का समय भी मांगा।

शिवकुमार के पास बेंगलुरु विकास विभाग का प्रभार भी है। शिवकुमार ने इस परियोजना को शहर की यातायात समस्याओं का समाधान बताते हुए इसका समर्थन किया।उन्होंने कहा “लालबाग में कोई समस्या नहीं होगी क्योंकि परियोजना का यह हिस्सा भूमिगत होगा।”शिवकुमार ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद प्रभावित होने वाले क्षेत्र को पार्क के रूप में शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ‘क्राइस्ट कॉलेज’ के पास अस्थायी उपयोग के लिए एक छोटे से हिस्से को छोड़कर निजी भूमि का अधिग्रहण नहीं कर रही है। उन्होंने सूर्या को एक वैकल्पिक यातायात योजना प्रस्तुत करने की चुनौती भी दी। सूर्या बेलावाड़ी और अन्य कार्यकर्ताओं ने संभावित पर्यावरणीय और विरासत संबंधी प्रभावों का हवाला देते हुए इस परियोजना का विरोध किया है।

सूर्या ने यहां संवाददाताओं से कहा “उसने (कांग्रेस सरकार ने) पर्यावरणीय प्रभाव आकलन नहीं कराया। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सुरंग निर्माण दुर्घटनाओं के बाद केंद्र ने एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की थी। इन सभी मानदंडों का उल्लंघन करते हुए सुरंग मार्ग का निर्माण नहीं किया जा सकता।”

सूर्या ने कहा “व्यक्तिगत हमलों से कोई फायदा नहीं होगा।”भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने सुरंग मार्ग को रोकने और यातायात की समस्याओं को कम करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है।

उन्होंने कहा “मैंने शहर के विकास के लिए परियोजना पर विस्तृत चर्चा के लिए उनसे (शिवकुमार से) समय मांगा है। मेरा विरोध केवल इस सुरंग मार्ग के खिलाफ है क्योंकि यह अवैज्ञानिक है। यह उत्तरी बेंगलुरु में

सैंकी टैंक और दक्षिण में लालबाग को नष्ट कर देगा।”सूर्या ने बताया कि शिवकुमार मंगलवार को उनसे मिलने के लिए सहमत हो गए हैं।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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