कोलकाता, भारत को एक से अधिक जीवंत शेयर बाजार की जरूरत है। प्रमुख शेयर बाजार बीएसई के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ सुंदररमण राममूर्ति ने यह राय देते हुए कहा कि वह शेयर बाजार को मजबूत करने तथा निवेशकों को अधिक लचीलापन देने के लिए अपने उत्पादों में बदलाव कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बीएसई में योगदान करने वाले प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, दलालों और अंतिम उपयोगकर्ताओं को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य है।
राममूर्ति ने पीटीआई-भाषा से एक साक्षात्कार में कहा, ”भारत को एक से अधिक जीवंत शेयर बाजार की जरूरत है, और इसलिए बीएसई को और अधिक सक्रिय बनाने की आवश्यकता है। हम अपने उत्पादों में बदलाव लाकर कुछ अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।”
राममूर्ति ने जनवरी में बीएसई का कार्यभार संभालने के बाद एक्सचेंज को फिर से मजबूत करने के लिए कई उपाय किए हैं।
उन्होंने कहा, ”हम 15 मई से कम लॉट आकार और शुक्रवार को एक नए एक्सपाइरी चक्र के साथ सेंसेक्स और बैंकेक्स वायदा को फिर से पेश कर रहे हैं। सेंसेक्स 30 और बैंकेक्स डेरिवेटिव की पेशकश से निवेशकों को इन लोकप्रिय सूचकांकों में कारोबार करने का अधिक अवसर मिलेगा।”
राममूर्ति ने कहा, ”हम साप्ताहिक आधार पर विकल्प सौदों को पूरा करने के लिए नियामक से संपर्क करेंगे, जैसा कि अमेरिका में होता है। इसके लिए नियामक से मंजूरी ली जानी है।”
उन्होंने कहा कि इसके अलावा बीएसई स्टार एमएफ, इंडिया आईएनएक्स और एसएमई मंच को मजबूत करने का काम जारी रहेगा। बीएसई स्टार एमएफ भारत का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड वितरण मंच है।
बीएसई के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि सेंसेक्स के लिए वायदा और विकल्प का लॉट आकार 15 से घटाकर 10 और बैंकेक्स के लिए 20 से घटाकर 15 कर दिया जाएगा।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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