भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और नेपाल सरकार के उद्योग, वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्री अनिल कुमार सिन्हा के बीच आज नई दिल्ली में एक द्विपक्षीय बैठक हुई।
दोनों देशों ने भारत और नेपाल के बीच पारगमन संधि के प्रोटोकॉल में संशोधन करते हुए विनिमय पत्र (LoE) का आदान-प्रदान किया। इस हस्ताक्षर से जोगबनी (भारत) और विराटनगर (नेपाल) के बीच विस्तारित परिभाषा के तहत थोक माल सहित रेल-आधारित माल की आवाजाही सुगम हो जाएगी। यह उदारीकरण प्रमुख पारगमन गलियारों- कोलकाता-जोगबनी, कोलकाता-नौतनवा (सुनौली), और विशाखापत्तनम-नौतनवा (सुनौली) तक फैला हुआ है, जिससे
दोनों देशों के बीच बहुविध व्यापार संपर्क और तीसरे देशों के साथ नेपाल के व्यापार को मज़बूत करना।
उपर्युक्त विनिमय पत्र (LoE) कंटेनरयुक्त और थोक माल, दोनों के लिए जोगबनी-विराटनगर रेल लिंक के साथ सीधी रेल कनेक्टिविटी को सक्षम बनाता है, जिससे कोलकाता और विशाखापत्तनम बंदरगाहों से नेपाल के विराटनगर के पास मोरंग जिले में स्थित नेपाल सीमा शुल्क यार्ड कार्गो स्टेशन तक परिवहन सुगम हो जाता है। भारत सरकार की अनुदान सहायता से निर्मित इस रेल लिंक का उद्घाटन 1 जून 2023 को भारत और नेपाल के प्रधानमंत्रियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
बैठक में एकीकृत चेक पोस्ट और अन्य बुनियादी ढाँचे के विकास सहित सीमा पार संपर्क और व्यापार सुविधा को बढ़ाने के लिए चल रही द्विपक्षीय पहलों का भी स्वागत किया गया। भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश भागीदार बना हुआ है, जो इसके बाहरी व्यापार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन नए उपायों से दोनों देशों और उसके बाहर आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद है।